लखनऊ के जवाहर भवन के चतुर्थ तल पर आग लग जाने के कारण अधिकारियों कर्मचारियों में भय का माहौल
इस गम्भीर अग्निकाण्ड में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों को तत्काल हटा कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जाय- मीना सिंह अध्यक्ष
आइडियल इंडिया न्यूज़
हरिकृष्ण गुप्ता लखनऊ
लखनऊ। दिनाँक 20-07-2026 को जवाहर भवन के चतुर्थ तल पर आग लग जाने के कारण अधिकारियों/कर्मचारियों में काफी भय का माहौल हो गया है तथा अपनी सुरक्षा को लेकर कई प्रश्न खड़े हो रहे है कि दोनो भवनो में लगभग 5000से 7000 अधिकारी कर्मचारी कार्यरत है तथा उक्त के अतिरिक्त कतिपय अयोगो में अनगिनत फरियादी अधिवक्ता गण प्रतिदिन मौजूद रहते है।
मीना सिंह अध्यक्ष
इस घटना से कर्मचारियों में भय है। अक्रोश है। चूंकि जवाहर भवान विलडिंग बहुत पुरानी निर्मित है, जिसका छज्जा भीषण आग लगने से टूट कर गिर गया, जिसके लिए सिविल के अधिकारी जिम्मेदार है। खाद्य रसद विभाग ने चतुर्थ तल पर रिक्त हाल जो सम्पत्ति विभाग द्वारा आंवटित किये जाने के उपरान्त उसमें लगभग। 80 लाख रुपये का किसी कार्यदायी संस्थाद्वारा सौन्दर्यकरण का कार्य कराया गया था, जिसमें विन्डो ए०सी० लगाये गये है, जिसकी अनुमति देने वाले अधिकारी भी जाँच के घेरे में आते है। फायर फाइटिंग सिस्टम सही से कार्य न करने के कारण तत्समय घटना की जानकारी उनके कर्मचारियों को नही मिली।
घटना के समय जवाहर भवन-न्दिरा भवन के सुरक्षा गार्डों एवं जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन उ प्र द्वारा फायर विभागको फोन करके सूचना दी गयी। घटना के समय कई अग्निशमन वाहन लेकर आये, किन्तु गाडियों में हाइड्रोलिक लिफ्ट न होने के कारण जमीनी स्तर पर आग बुझाने का कार्य किया गया, जिससे आग बुझाने में काफी समय लगा। यह भी प्रश्न का विषय है। दोनो भवनों में विभाग द्वारा कम्पयुटराईज सिस्टम होने के उपरान्त भी कई निष्प्रयोज्य समाग्री रखी गयी है, जिससे अपातकालीन स्थिति में लिफ्टों के बन्द हो जाने के कारण काले जीने से कर्मचारियों को उतरने में कठिनाई होती है, इसलिये तत्काल निष्योज्य सामग्री जीने एवं गौलरियों से हटाया जाय और जवाहर भवन-इन्दिरा भवन में कतिपय विभागों के नियोज्य वाहन खड़े होने के कारण आग अदा अपातकालीन स्थिति में फायर शासन प्रशासन एवं कर्मचारियो/अधिकारियों के वाहन के आने-जाने में कठिनाईयों का समाना करना पड़ता है। इसलिए दोनो भवन हो निष्योजय वाहनों एवं निष्प्रयोज्य समान तत्काल विभागीय टेण्डर कराकर हटाया जाय, जिससे राजस्व से हो रही है हानि से बचा जा सके। मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा जीरो टालरेब्स के उपरान्त भी लोक निर्माण विभाग के कतिपय अधिकारी 08-10 वर्षों से जमे हुये, जिनका स्थानान्तरण नहीं किया जा रहा है। उक्त अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त होकर विभाग में अपनी अलग सरकार चला रहें है। पहले ऐसे अधिकारियों को हटाते हुए, प्रकरण के दोषी पाये जाने वाले अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं की जाँच करायी जाय। जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन, उ०प्र० वर्ष 2013 से कर्मचारी हितों में कार्य कर रहा है।जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन, उ०प्र० की माँग है कि इस गम्भीर अग्निकाण्ड में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों को तत्काल हटाया जाय और उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की जाय, जिससे कि दोनो भवनों में कार्यरत कर्मचारी भय मुक्त वातावरण में अपने शासकीय पदेन दायित्वों का निर्वहन कर सकें। यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही न की जाती है तथा निष्प्रयोज्य वाहन एवं जीना (सीढ़िया) से निष्प्रयोज्य विभागीय सामग्रीया शीघ्र नहीं हटाया जाता है, तो जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएसन, उ०प्र० अन्दोलनात्मक कार्यवाही करने हेतु बाध्य होगा।मीना सिंह अध्यक्ष।




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