बारावफात पर रोशनी से जगमगाया बहराइच, अंजुमनों के जुलूस में उमड़ा आस्था का सैलाब
सजी अंजुमन और झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र, जगह-जगह लंगर व शरबत की व्यवस्था; कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ जुलूस
आइडियल इंडिया न्यूज़
अनवार खां मोनू बहराइच
बहराइच। इस्लामिक कैलेंडर के रबी-उल-अव्वल माह की 12वीं तारीख को मनाए जाने वाले ईद-ए-मिलादुन्नबी/बारावफात का पर्व शुक्रवार को नगर में पूरे जोश, अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। सुबह से ही नगर की गलियों और मोहल्लों में जश्न का माहौल रहा। मस्जिदों, दरगाहों और प्रमुख मार्गों को आकर्षक रोशनी एवं रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। विभिन्न स्थानों पर तकरीर, मिलाद शरीफ और नातिया महफिलों का आयोजन हुआ।
नगर के विभिन्न हिस्सों से निकलीं सजी-धजी अंजुमनें और आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। बच्चों की टोलियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफेद कुर्ता-पायजामा, हरे साफे और टोपी पहने बच्चे नात-ए-पाक पढ़ते हुए जुलूस में शामिल हुए। कई बच्चों ने झांकियों के माध्यम से पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की सीरत और उनके अमन, भाईचारे तथा इंसानियत के संदेश को प्रस्तुत किया।
सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था रही दुरुस्त
बारावफात के अवसर पर नगर पालिका परिषद की ओर से सफाई, पेयजल और मार्ग प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुधा देवी के प्रतिनिधि श्यामकरण टेकड़ीवाल के प्रयासों से जुलूस मार्ग एवं प्रमुख स्थानों पर विशेष सफाई कराई गई। पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मार्ग प्रकाश व्यवस्था भी दुरुस्त रखी गई, जिससे देर शाम तक कार्यक्रम में शामिल लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
छावनी चौराहे पर गूंजे नारे, नेताओं ने बांधा साफा
नगर के छावनी चौराहे पर विभिन्न अंजुमनों के एकत्र होने पर वातावरण नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर और पैगंबर की आमद मरहबा के नारों से गूंज उठा। सीरत कमेटी के सदर हाजी तेजे खां समेत अन्य पदाधिकारियों ने पूर्व मंत्री यासर शाह, पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी रेहान खां तथा समाजवादी पार्टी के कोषाध्यक्ष हाजी अब्दुल मन्नान का साफा बांधकर खैरमकदम किया।
जगह-जगह लंगर और शरबत का इंतजाम
जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर लंगर की व्यवस्था की गई। अकीदतमंदों को शरबत, मिठाइयां और हलवे का तबर्रुक वितरित किया गया। बच्चों ने मिठाइयों का आनंद लिया, जबकि बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत के स्टॉल पर पहुंचकर अपनी प्यास बुझाई। इससे जुलूस में शामिल लोगों को काफी राहत मिली।
दरगाह शरीफ समेत कई मोहल्लों से निकलीं सजी अंजुमनें
दरगाह शरीफ, नाजिरपुरा, काजीपुरा, बड़ी तकिया, चांदपुरा, बड़ीहाट, छोटी बाजार और चक्कीपुरा समेत नगर के विभिन्न मोहल्लों से सजावटी अंजुमनें निकाली गईं। अंजुमनों में बच्चों की टोलियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह झांकियों के माध्यम से नबी-ए-पाक की सीरत, अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों की निगरानी में संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन कैमरों से जुलूस की निगरानी की गई और पुलिस जवान लगातार गश्त करते रहे। सुरक्षा इंतजामों के चलते बारावफात का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ
पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह के साथ नगर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की तस्वीर भी देखने को मिली। लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाकर अमन, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया।



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