कुशल चिकित्सक एवं महान समाजसेवी डा .तारकनाथ जी की 34 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा एवं काव्य गोष्ठी
माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई भी पुनीत कार्य नहीं, ये जीवित देवता के समान होते हैं - दिनेश टण्डन
वे माता-पिता सौभाग्यशाली होते हैं जिनके पुत्र उनकी पुण्यतिथियां मानते हैं - शिक्षाविद डा. सी. डी. सिंह
आइडियल इंडिया न्यूज़
डा आर पी विश्वकर्मा जौनपुर
जौनपुर। आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रमोद वाचस्पति के पिता स्वर्गीय डा. तारकनाथ जी की 34 वीं पुण्यतिथि उनके निज आवास परिसर में श्रद्धांजलि सभा के पश्चात काव्य गोष्ठी के साथ संपन्न हुई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष दिनेश टंडन व विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकार, कवि संजय पांडे सरस (प्रमुख संपादक- आइडियल इंडिया) , वरिष्ठ पत्रकार एवं चिकित्सक डॉ आर पी विश्वकर्मा (वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव इ जा) तथा आप पार्टी के (प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष काशी प्रांत) एस एन सिंह मुन्ना रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नेहरू बालोद्यान (ग्रुप आफ स्कूल्स)के प्रबंधक , महान शिक्षाविद डा. सी डी सिह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मानित अतिथियों द्वारा स्वर्गीय डा. तारकनाथ जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करने के साथ किया गया। उपस्थित सभी सम्मानित जन, कवि, कवित्रियों ने भी चित्र पर माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि अर्पित किया। मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष दिनेश टंडन जी ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई और सेवा नहीं होती। इससे बड़ा पुनीत कार्य कुछ नहीं होता। माता-पिता जीवित देवता के समान हैं। उनका आशीर्वाद सार्थक और प्रभावी होता है।
महान शिक्षाविद डॉ सी डी सिंह ने कहा कि बहुत कम ही लोग हैं जो लोग अपने माता-पिता की पुण्यतिथि लंबे अंतराल तक मानते हैं । कुछ लोग तो नहीं भी मानते और भूल जाते हैं। वे माता-पिता बहुत ही सौभाग्यशाली होते हैं जिनके पुत्र उनकी पुण्यतिथियां मानते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में आजमगढ़ से पधारे साहित्यकार एवं प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव संजय पांडे सरस में कहा कि बच्चों के लालन पालन में माता-पिता अपना जीवन खपा देते हैं लेकिन बड़े होकर जब यही बच्चे उनको उचित सम्मान नहीं देते तो उन्हें बहुत दुख होता है, इसलिए हम सबको माता-पिता का आदर और सम्मान आजीवन करना चाहिए। इसी क्रम में डा आर पी विश्वकर्मा एवं एस एन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ प्रमोद वाचस्पति एवं अखिल भारतीय काव्य मंच के अध्यक्ष असीम मछली शहरी द्वारा सभी अतिथियों को माल्यार्पण करते हुए अंग वस्त्रम व स्मृति चिन्ह के द्वारा सम्मानित किया गया। इसके पश्चात काव्य गोष्ठी का दूसरा सत्र प्रारंभ हुआ। जिसमें कवियों कवित्रियों एवं शायरों ने अपनी रचना के माध्यम से स्वर्गीय डा तारक नाथ जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए काव्य रस की धारा प्रवाहित कर दिया ।अखिल भारतीय काव्य मंच के बैनर तले आयोजित इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता रमेश चंद सेठ आशिक जौनपुरी ने किया। संस्था के अध्यक्ष असीम मछली शहरी ने सभी कवियों को माल्यार्पण करते हुए स्मृतिचिन्ह देकर करके सम्मानित किया। काव्य पाठ करने वालों में डा अंगद कुमार राही, संदीप कुमार बालाजी ,अहमद अजीज गाज़ीपुरी, अंसार अहमद खान ,अंसार जौनपुरी ,नंदलाल समीर, अमृत प्रकाश, रामजीत मिश्रा, डॉ सुषमा श्रीवास्तव, सुमति श्रीवास्तव, नूपुर श्रीवास्तव, डॉ सीमा सिंह, राजेश कुमार पांडे ,रमेश चंद सेठ आशिक जौनपुरी, अरविंद कुमार फूलपुर (पूर्व मजिस्ट्रेट) आजमगढ़ , डा प्रेम शंकर द्विवेदी भास्कर, मछली शहर, शिवानंद चौबे सुजानगंज, डा.संजय सिंह सागर ,डॉ. विभा तिवारी, डा. धीरेंद्र पटेल (हिंदी विभाग अध्यक्ष) अरुण कुमार यादव, कारी जिया , मोनस जौनपुरी , डॉ प्रतीक मिश्रा, आर पी सोनकर आदि का नाम उल्लेखनीय रहा।
















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