ऑनलाइन पंजीकरण कराकर श्रमिक पा सकते हैं आर्थिक सहायता, अनुदान, विवाह छात्रवृत्ति सहित पेंशन आदि का लाभ - उप श्रमआयुक्त राजीव कुमार सिंह
आइडियल इंडिया न्यूज़
संजय पांडेय सरस, प्रमुख संपादक, आजमगढ़
आजमगढ़। आजमगढ़ मंडल के उप श्रम आयुक्त राजीव कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि आजमगढ़ मण्डल के सभी निर्माण श्रमिकों का उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, लखनऊ द्वारा निर्माण श्रमिकों के हितार्थ श्रमिकों का आनलाइन पंजीयन किया जाता है, जिसके अन्तर्गत ऐसे निर्माण श्रमिक जिनकी आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच हो और पिछले 1 वर्ष में न्यूनतम 90 दिवस तक कुल निर्धारित 40 प्रकार के निर्माण कार्य/मनरेगा कार्य किया गया हो, ऐसे श्रमिक अपना पंजीयन बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट (www.upbocw.in) या सी०एस०सी / जनसेवाकेन्द्र के माध्यम से पोर्टल पर स्वंय पंजीयन करा सकते है।
पंजीयन की प्रक्रिया हेतु निम्नलिखित अभिलेख आवश्यक है
1. सम्बधित निर्माण श्रमिक का आधार कार्ड, 2. सम्बधित निर्माण श्रमिक का बैंक पासबुक, 3. सम्बधित निर्माण श्रमिक के नामिनी का अधार कार्ड, 4. सम्बधित निर्माण श्रमिक का 1 वर्ष में 90 दिन कार्य करने का प्रमाण अथवा स्वं घोषणा प्रमाण पत्र। सम्बधित श्रमिक/श्रमिका को पंजीयन शुल्क 20, नवीनीकरण शुल्क एक वर्ष के लिए रू0 20 देय होगा। यदि श्रमिक / श्रमिका चाहे तो तीन वर्ष के लिए अपना नवीनीकरण भी करा सकता / सकती है, जिसमें 20 रू0 पंजीयन शुल्क 60 रू० नवीनीकरण शुल्क इस प्रकार कुल 80 रू० आनलाइन जमा कर सकता / सकती है।
श्रमिकों के पंजीयन के उपरान्त "उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड लखनऊ," द्वारा संचालित योजनाओं में आनलाइन आवेदन कर नियमानुसार लाभ प्राप्त कर सकते है।
वर्तमान में मुख्यतः 07 कल्याणकारी योजनाए संचालित है, जो निम्नवत है:-
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01. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मद्द योजनाः-पात्रता- पंजीकरण के 01 वर्ष उपरान्त । देय हितलाभ - प्रथम 02 प्रसव पर एक मुश्त सहायता राशि मातृत्व पंजीकृत पुरुषों श्रमिकों को रू0- 6,000/-एवं महिला श्रमिको को तीन माह का न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि देय एवं पुत्र होने की दशा में रू०-20,000/- एवं पुत्री होने के दशा में 25,000/- देय। साथ ही पहली व दूसरी बलिका होने की दशा में रू०-25,000/- एवं दिव्यांग पुत्री होने के की स्थिति में रू०- 50,000/- सावधि जमा 18 वर्ष के लिए। 02. सन्त रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना-पात्रता - पंजीकरण के 01 वर्ष उपरान्त । देय हितलाम- केवल दो बच्चो तक ही हितलाभ देय। कक्षा 01 से 05 तक के लिये रू0 2,000/- कक्षा 06 से 10 तक रू0-2,500/-, कक्षा 11 व 12 तक रू0-3,000/- एकमुश्त, देय। कक्षा 09,10,11 व 12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत होने पर विद्यालय जाने हेतु निर्माण श्रमिक के पुत्र/पुत्रियों को केवल एक बार ही साइकिल क्रय किये जाने हेतु प्रदान की जानी वाली सब्सिडी अनुमन्य होगी। स्नातक पाठ्यक्रम या उसके समकक्ष रू0- 12,000/- एकमुश्त देय। स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम हेतु रू0- 24,000/- एकमुश्त देय। 03. अटल आवासीय विद्यालय योजना- पात्रता- पंजीकरण के 03 वर्ष उपरान्त।देय हितलाभ- ऐसे अद्यतनीकृत निर्माण श्रम पंजीयन के उपरान्त कम से कम 03 वर्ष की सदस्यता अवधि पूर्ण कर चुके हो उनके बच्चे पात्र होगे एवं करोना काल में निराश्रित हुए बच्चे जो मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) से आच्छादित है। 04. कन्या विवाह सहायता योजना-पात्रता- पंजीकरण के 01 वर्ष उपरान्त।हितलाभ देय - पंजीकृत निर्माण श्रमिक की 02 पुत्रियों एवं पंजीकृत महिला श्रमिक को देय, कन्या की उम्र 18 एवं वर की आयु 21 वर्ष हो, को सामान्य विवाह में रू0 65,000/- अन्तर्जातीय विवाह में रू0- 75,000/- एवं सामूहिक विवाह में रू0-85,000/- देय।05. गंभीर बिमारी सहायता योजना-पात्रता- पंजीकरण के उपरान्त। देय हितलाभ - सरकारी / स्वायतशासी चिकित्सालयों अथवा SACHIS इन्पैनल्ड चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देंय हितलाभ के समतुल्य राशि प्रतिपूर्ति। 06. निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना- पात्रता- पंजीकरण के उपरान्त। हितलाभ देय – पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हाने पर आश्रित को रू०- 9.393/- प्रतिमाह 05 वर्षों तक एवं रू०- 25,000/- एकमुश्त व सामान्य मृत्यु होने पर आश्रित को रू0- 8.736/- प्रतिमाह 02 वर्षों तक एंव रू०- 25,000/- एकमुश्त देय। अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर आश्रिता को रू०-1,25.000/- एकमुश्त देय। स्थायी दिव्यांगता 100% पर रू०- 9,172/- प्रतिमाह 04 वर्ष तक देय, स्थायी दिव्यांगता 50% से अधिक व 100% से कम होने पर रू0 9,172/- प्रतिमाह 03 वर्ष तक देय व स्थायी दिव्यांगता 25% से अधिक व 50% से कम पर रू0- 8,736/- प्रतिमाह 02 वर्ष तक देय। 07. महात्मा गांधी पेंशन योजना- पात्रता- पंजीकरण के 10 वर्ष उपरान्त। देय हितलाभ - प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक को रू0 1,000/- प्रतिमाह की धनराशि देय। लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेंशन की धनराशि उसकी पत्नी / पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी। पेंशन राशि में प्रत्येक 02 वर्ष बाद रू0-50/- की वृद्धि, जो अधिकतम रू0 1,250/- तक होगी।
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"आजमगढ़ मण्डल में कुल पंजीकृत श्रमिको की संख्या 7,70,267 है साथ ही शर्तानुसार विगत वर्ष में धनराशि कुल रू0- 18,82,84,237 /- (18 करोड़ 82 लाख 84 हजार 2 सौ 37 मात्र) का हितलाभ शर्तानुसार संचालित विभिन्न योजनाओं में पंजीकृत पात्र श्रमिकों कों प्रदान किया गया।"अतः आजमगढ़ मण्डल (आजमगढ़, मऊ व बलिया) के सभी पात्र निर्माण श्रमिकों को सूचित किया जाता है, कि श्रमिक पंजीयन बोर्ड, की अधिकृत वेबसाईट (www.upbocw.in) पर स्वयं या निकटतम जनसुविधा केन्द्र (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा कर, बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ नियमानुसार प्राप्त कर सकते है, अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जनपदीय श्रम कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है।

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