जन्म दिवस पर शत-शत वंदन करते श्री हरिऔध का -
जन्मदिवस पर विशेष
रचनाकार
संजय पांडेय सरस,आजमगढ़
हरिऔध साहित्य सेवा संस्थान आजमगढ़
काव्य रचना
उच्च शिखर पर गूंज रहा है नाम श्री हरिऔध का।
जन्म दिवस पर शत-शत वंदन करते श्री हरिऔध का।।
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आजमगढ़ के निजामाबाद में जन्म आपने पाया है,
धन्य वो धरती माता पिता जिसने आपको जाया है।
15 अप्रैल 1865 का जब सूरज उदय हुआ ,
खड़ी बोली के प्रिय प्रवास का उसी समय अभ्युदय हुआ ।
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विद्या वाचस्पति सम्मान विभूषण करता श्री हरि और का
उच्च शिखर पर गूंज रहा है नाम श्री हरिऔघ का।।
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प्रमुख द्विवेदी युग के कवि ने शिक्षा दी सारे जग को,
दोहा छंद सवैया कविता पूजा है नारी पग को
राष्ट्र प्रेम मानवतावादी रचना में अद्भुत संगम है।
हिन्दी अंग्रेजी उर्दू फारसी बंगल का ज्ञान विहंगम है।
माथे पर मेरे रज चंदन शोभित हो श्री हरिऔध का
उच्च शिखर पर गूंज रहा है नाम श्री हरिऔध का
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