आजमगढ़ की बहू ममता तिवारी संभालेंगी बहरीन में विश्व हिंदी परिषद की कमान
आइडियल इंडिया न्यूज़
संजय पांडेय सरस प्रमुख संपादक आजमगढ़
आजमगढ़। जनपद के मेहनाजपुर क्षेत्र अंतर्गत बरवा गांव के स्वर्गीय श्री देवेंद्र तिवारी एवं श्रीमती सत्यवती तिवारी की बहू तथा श्री राम मणि तिवारी की पत्नी श्रीमती ममता तिवारी को विश्व हिंदी परिषद द्वारा बहरीन शाखा का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनके इस मनोनयन से क्षेत्र सहित प्रवासी भारतीय समाज में खुशी की लहर है।
श्रीमती ममता तिवारी मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली हैं। उनके पिता डॉ. के.के. पांडेय चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखते हैं, जबकि माता श्रीमती अपर्णा पांडेय शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी रही हैं।श्रीमती ममता तिवारी शिक्षा, साहित्य, हिंदी प्रचार-प्रसार एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह बहरीन में कई वर्षों तक डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की अंतरराष्ट्रीय शाखा में हिंदी एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके साथ ही वह विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस से भी जुड़ी हुई हैं तथा सीबीएसई पाठ्यपुस्तक लेखिका के रूप में अरविंद प्रकाशन, मेरठ के साथ कार्य कर रही हैं।
वह ‘गल्फ हिंदी काउंसिल’ की संस्थापक भी हैं तथा हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार हेतु उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।ममता तिवारी एक सफल शिक्षाविद, कवयित्री, समाजसेवी एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सक्रिय आयोजक के रूप में भी जानी जाती हैं। बहरीन एवं खाड़ी देशों में हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।विश्व हिंदी परिषद द्वारा जारी नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने, भारतीय संस्कृति के प्रचार एवं संगठन के विस्तार हेतु उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्रीमती ममता तिवारी के पति श्री राम मणि तिवारी बहरीन सरकार की दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी संस्था में प्रोडक्ट एवं स्ट्रैटेजी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और खाड़ी क्षेत्र में तकनीक एवं व्यवसाय जगत में अपनी विशेष पहचान रखते हैं।ममता तिवारी के मनोनयन पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सामाजिक संगठनों एवं प्रवासी भारतीय समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।


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