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काशी में गूंजा हिंदी साहित्य का स्वर — आजमगढ़ इकाई के पदाधिकारियों का भव्य सम्मान

 काशी में गूंजा हिंदी साहित्य का स्वर — आजमगढ़ इकाई के पदाधिकारियों का भव्य सम्मान

आइडियल इंडिया न्यूज़ 
संजय पांडेय सरस , प्रमुख संपादक, आजमगढ़ 
                  

वाराणसी में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय “काशी काव्य-कुंभ” समारोह आजमगढ़ इकाई के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक सिद्ध हुआ। इस भव्य आयोजन में इकाई के पदाधिकारियों एवं साहित्य साधकों को विविध प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया। यह कार्यक्रम विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, लोक भाषा अनुसंधान केंद्र, कविताम्बरा समूह एवं सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल बाबतपुर के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ।सम्मानित साहित्य साधक ,डॉ. रुद्रनाथ चौबे ‘रुद्र’ जी (अध्यक्ष, आजमगढ़ इकाई) को “हिन्दी साहित्य भूषण सम्मान” ₹5001/- की सम्मान राशि सहित प्रदान किया गया।🔹 देवेन्द्र तिवारी ‘देव’ जी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) को “छंद मकरंद सम्मान” से विभूषित किया गया।🔹 लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ जी (महामंत्री) को “कविताम्बरा सम्मान” प्रदान किया गया।🔹 संजय पांडेय ‘सरस’ जी (राष्ट्रीय महासचिव, आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन) को “काव्य रत्नाकर सम्मान” प्रदान किया गया।🔹 श्री महेन्द्र ‘मृदुल’ जी (उपाध्यक्ष) को “साहित्य सर्जना सम्मान” से सम्मानित किया गया।

               
संजय पांडेय ‘सरस’ जी एवं महेन्द्र ‘मृदुल’ जी की अनुपस्थिति में उनके सम्मान को आजमगढ़ इकाई के अध्यक्ष डॉ. रुद्रनाथ चौबे ‘रुद्र’ जी ने ग्रहण किया।
🎤 गरिमामयी उपस्थिति, उद्बोधन एवं कुशल संचालन
समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र (गीत ऋषि) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में महन्त मिथिलेश नंदिनी शरण (हनुमानगढ़ी पीठ, अयोध्याधाम) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशिष्ट गरिमा प्रदान की। परम विद्वान, साहित्य एवं काव्यशास्त्र के मर्मज्ञ मुख्य अतिथि का माधुर्यपूर्ण, सारगर्भित एवं प्रेरणादायी उद्बोधन समारोह का मुख्य आकर्षण बना। उनके विचारों ने उपस्थित साहित्यकारों एवं श्रोताओं को हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नवीन ऊर्जा और दिशा प्रदान की।समारोह के अध्यक्ष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र जी ने संस्था के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ हीरालाल मिश्र मधुकर के देश और समाज के लिए उपयोगी साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावशाली एवं सुसंगठित संचालन डा राम सुधार सिंह (प्रोफेसर) द्वारा किया गया। उनके सधे हुए मंच संचालन, ओजस्वी अभिव्यक्ति एवं अनुशासित संयोजन ने पूरे समारोह को विशेष ऊँचाई प्रदान की। यह सम्मान न केवल संस्थागत उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि हिंदी भाषा, साहित्य एवं छंद परंपरा के प्रति समर्पित साधना का राष्ट्रीय स्तर पर अभिनंदन भी है। विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आजमगढ़ इकाई समस्त आयोजक मंडल एवं साहित्य प्रेमियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती है तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के लिए अपने संकल्प को पुनः दृढ़ करती है।-देवेन्द्र तिवारी " देव "वरिष्ठ उपाध्यक्ष ,विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी
आजमगढ़ इकाई।

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