6 साल की नन्ही इशाल बसरी ने रखा पहला रोज़ा, मुकम्मल कर पेश की मिसाल
आइडियल इंडिया न्यूज़
जावेद अंसारी, मऊ
मऊ। जनपद मऊ के समाजसेवी शाहिद जावेद लारी की 6 वर्षीय पुत्री इशाल बसरी ने कम उम्र में ही अपनी धार्मिक आस्था और जज़्बे का परिचय देते हुए अपना पहला रोज़ा मुकम्मल किया। इतनी छोटी उम्र में पूरे दिन का रोज़ा रखना परिवार और समाज के लिए गर्व और खुशी का पल बन गया। इस खास मौके पर परिवार में खुशी का माहौल रहा। शाहिद जावेद लारी ने बताया कि इशाल ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ अपना पहला रोज़ा रखा और इफ्तार तक सब्र और हिम्मत का परिचय दिया। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह पाक उनकी बेटी को नेक राह पर चलने की तौफीक अता फरमाए और उसे जिंदगी में कामयाबी से नवाज़े। इशाल के इस कदम की इलाके में सराहना हो रही है। लोगों ने उसे दुआओं और शुभकामनाओं से नवाज़ा। इतनी कम उम्र में इबादत के प्रति लगाव निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
अल्लाह तआला इशाल बसरी को सेहत, लंबी उम्र और दीन की समझ अता फरमाए।

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