जौनपुर जिले में कई रेलवे स्टेशनों के बीच आज भी बिना सिग्नल के ही ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी रेल दोहरीकरण का काम पूरा नहीं हो सकाआइडियल इंडिया न्यूज़
राहुल गौतम मछली शहर जौनपुर
मछलीशहर ।जिले में कई रेलवे स्टेशनों के बीच आज भी बिना सिग्नल के ही ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस रूट पर आज भी ट्रेनों का संचालन वर्किंग टाइम टेबल के सहारे किया जाता है। जंघई-जफराबाद रेल रूट की दूरी 50 किमी. है। यहां सिग्नल की व्यवस्था न होने के कारण ड्राइवर वर्किंग टाइम टेबल के अनुसार ट्रेनों का संचालन करते हैं। जंघई-जफराबाद रेल रूट पर जंघई, जरौना, कटवार, बरसठी, भन्नौर, बारी गांव नेवादा, मड़ियाहूं, सुदनीपुर, सलखापुर, कचगांव, जफराबाद रेलवे स्टेशन पड़ते हैं। आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी रेल दोहरीकरण का काम पूरा नहीं हो सका। बीच में पडने वाले स्टेशनों (मडियाहूं को छोडकर) किसी भी स्टेशन पर डबल ट्रैक नहीं बिछाया गया है। इसके कारण इन स्टेशनों पर ट्रेनों की क्रॉसिंग नहीं कराई जाती है। मड़ियाहूं से चली ट्रेनें जब जंघई पहुंचती हैं, तब दूसरी ट्रेन छोड़ी जाती है। इसी तरह मड़ियाहूं से जफराबाद के लिए चली ट्रेन के जफराबाद पहुंचने के बाद ही दूसरी ट्रेन छोड़ी जाती है। इसके कारण ट्रेनें कई घंटे जफराबाद, मड़ियाहूं या जंघई स्टेशन पर खड़ी रहती हैं। इस रूट पर मड़ियाहूं स्टेशन को छोड़ दें तो कहीं भी सिग्नल की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण ड्राइवर वर्किंग टाइम टेबल के सहारे ट्रेनों का संचालन करते हैं। इस रूट पर जौनपुर से प्रयाग पैसेंजर, प्रयाग जौनपुर पैसेंजर का सुबह-शाम संचालन कराया जाता है। गोदान एक्सप्रेस, गाजीपुर-बांद्रा एक्सप्रेस (साप्ताहिक), गाजीपुर-आनंद विहार सुहेलदेव एक्सप्रेस (साप्ताहिक) रायबरेली जौनपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, मुंबई से फैजाबाद एक्सप्रेस (साप्ताहिक), मऊ मुंबई साप्ताहिक ट्रेन का संचालन हो रहा है।

0 टिप्पणियाँ