सीतापुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
कई सौ जीएसटी चोरी गैंग के सात शातिर अन्तर्जनपदीय आरोपी गिरफ्तार ।
आठ लाख रुपये नकदी,मोबाइल, सिम,एटीएम, स्टैम्प बिल बुक, पैन कार्ड, चेक बुक, बैंक पासबुक, चेक (विभिन्न बैंक), डिजिटल सिग्नेचर यू एस बी डिवाइस हार्ड डिस्क , भिन्न भिन्न फर्मो के बिल एवम् अन्य सामग्री बरामद ।
आइडियल इंडिया न्यूज, बिन्दू मौर्या सीतापुर
सीतापुर थाना खैराबाद व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा कई सौ जीएसटी चोरी का सफल खुलासा करते हुए मो आसिफ पुत्र मो यामीन नि ग्राम जहांगीराबाद थाना सदरपुर जनपद सीतापुर अनवारुल हक पुत्र जलीश अहमद नि मोहल्ला शाहकुलीपुर थाना लहरपुर जनपद सीतापुर मो अम्मार पुत्र मो अकरम नि ग्राम जहाँगीराबाद थाना सदरपुर जनपद सीतापुर उजैर पुत्र मोईनुद्दीन निवासी 130/507 बाकर गंज थाना बाबू पुरवा जनपद कानपुर अब्दुल नासिर पुत्र अब्दुल रऊफ नि मोहल्ला महा राजागंज थाना बिसवां जनपद सीतापुर जीशान पुत्र आलम नि मोहल्ला मजाशाह थाना लहरपुर जनपद सीतापुर नाम मो आरिफ पुत्र मो इदरीश नि मोहल्ला थवई टोला थाना बिसवां जनपद सीतापुर को ग्राम असोढर के पास से गिरफ्तार किया गया है, जिनसे कुल आठ लाख रुपये नगद, पांच लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, 37 एटीएम कार्ड, 39 स्टैम्प, 18 बिल बुक, 10 पैन कार्ड, 57 चेक बुक, 10 बैंक पासबुक, 135 चेक (विभिन्न बैंक), नौ डिजिटल सिग्नेचर यू एस बी डिवाइस, दो हार्ड डिस्क , भिन्न भिन्न फर्मो के 651 बिल मय टैक्स इनवाइस ई वे विल तथा एक फाइल में किराया नामा नोटरी मय एक चैक आधार कार्ड, पैन कार्ड छाया प्रति (वादी मुकदमा), दो चार पहिया वाहन वरना कार वाहन संख्या क्रमश: UP14DU6823, UP32LK7511 बरामद हुआ है।
अपराध करने का तरीका- गिरफ्तार अभियुक्तगण लकड़ी व्यापार के माफिया भी हैं जो अपना एक संगठित गिरोह बनाकर भोले भाले लोगो को सरकारी योजनाओं से मुनाफे का लालच देकर उनके कागज/नकदी लेते थे तथा उन्हीं के नाम की कई फर्जी/बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करते हुए सरकार को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे। अभियुक्तों से पूछताछ में लगभग 60-70 फर्जी/बोगस फर्म की जानकारी हुई है जिनके माध्यम से इनके द्वारा लगातार जीएसटी चोरी की जा रही थी। पूछताछ में बताया कि हम लोग अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कम पढ़े लिखे लोगो को पैसे का लाचल देकर व सरकारी योजनाओं का लाभ बताकर झांसे में लेकर उनके कागज, आधार कार्ड के माध्यम से आवश्यक पैन कार्ड व जरुरत के प्रपत्र बनवाते हैं तथा उनके नाम पर बैंको में खाता खुलवाकर उन्ही के कागजातों के सहारे कूट रचित फर्म बनाकर उसमे उनके और भी कूट रचित अभिलेख लगाकर फर्जी लकड़ी के व्यापार को दिखाकर फर्मो के नाम से जी एस टी तथा फर्जी बिल बनाकर बैंक में उनके खाते में फर्म के नाम रुपये डलवाकर हम सभी आर्थिक लाभ अर्जित करते है। इस क्रम में जनपद सीतापुर अंतर्गत एक खाता धारक द्वारा आठ जनवरी को थाना खैराबाद में मुकदमा लिखा दिया जिसके डर से इस काम के लिये प्रयुक्त सामग्री लैपटॉप मोबाइल फोन पासबुक चैक बुक, स्टाम्प मोहर , इनवाइस हार्ड डिस्क आदि तथा अर्जित किये गये धनराशी के ही आठ लाख रूपये सहित भागने के फिराक में थे।गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अभ्यस्त अपराधी हैं, जिनके द्वारा इस प्रकार की घटनायें अन्य जनपदों में की गयी है, जिनकी जांच की जा रही है। पंजीकृत अपराध सं 15/26 में धारा 340(2), 111 बीएनएस की बढ़ोत्तरी करते हुए गिरफ्तार आरोपीयों को जेल भेजा गया।
एसओजी टीम- प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह, दरोगा अरविंद शुक्ला, हेड कांस्टेबल शराफत अली, राहुल कुमार, सोहनपाल, गुरपाल, विनय सिंह, कांस्टेबल
भूपेंद्र राणा, दीपक कुमार, अभिषेक तोमर, प्रशांत शेखर सिंह शैंकी यादव, चंद्रप्रकाश ,अमित कुमार, भानू राठी, दानवीर,अमित, महिला कांस्टेबल डॉली रानी। पुलिस टीम थाना खैराबाद थानाध्यक्ष अनिल सिंह, दरोगा अवधेश कुमार यादव, महिला दरोगा आकांशा देवी, हेड कांस्टेबल सौरभ गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, कांस्टेबल पीयूष सिंह, करमवीर सिंह, आकाश बाबू , आस मोहम्मद , मेराज अहमद, कपिल कुमार , नरेश कुमार मौजूद थे।
अपराध करने का तरीका- गिरफ्तार अभियुक्तगण लकड़ी व्यापार के माफिया भी हैं जो अपना एक संगठित गिरोह बनाकर भोले भाले लोगो को सरकारी योजनाओं से मुनाफे का लालच देकर उनके कागज/नकदी लेते थे तथा उन्हीं के नाम की कई फर्जी/बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करते हुए सरकार को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे। अभियुक्तों से पूछताछ में लगभग 60-70 फर्जी/बोगस फर्म की जानकारी हुई है जिनके माध्यम से इनके द्वारा लगातार जीएसटी चोरी की जा रही थी। पूछताछ में बताया कि हम लोग अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कम पढ़े लिखे लोगो को पैसे का लाचल देकर व सरकारी योजनाओं का लाभ बताकर झांसे में लेकर उनके कागज, आधार कार्ड के माध्यम से आवश्यक पैन कार्ड व जरुरत के प्रपत्र बनवाते हैं तथा उनके नाम पर बैंको में खाता खुलवाकर उन्ही के कागजातों के सहारे कूट रचित फर्म बनाकर उसमे उनके और भी कूट रचित अभिलेख लगाकर फर्जी लकड़ी के व्यापार को दिखाकर फर्मो के नाम से जी एस टी तथा फर्जी बिल बनाकर बैंक में उनके खाते में फर्म के नाम रुपये डलवाकर हम सभी आर्थिक लाभ अर्जित करते है। इस क्रम में जनपद सीतापुर अंतर्गत एक खाता धारक द्वारा आठ जनवरी को थाना खैराबाद में मुकदमा लिखा दिया जिसके डर से इस काम के लिये प्रयुक्त सामग्री लैपटॉप मोबाइल फोन पासबुक चैक बुक, स्टाम्प मोहर , इनवाइस हार्ड डिस्क आदि तथा अर्जित किये गये धनराशी के ही आठ लाख रूपये सहित भागने के फिराक में थे।गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अभ्यस्त अपराधी हैं, जिनके द्वारा इस प्रकार की घटनायें अन्य जनपदों में की गयी है, जिनकी जांच की जा रही है। पंजीकृत अपराध सं 15/26 में धारा 340(2), 111 बीएनएस की बढ़ोत्तरी करते हुए गिरफ्तार आरोपीयों को जेल भेजा गया।
एसओजी टीम- प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह, दरोगा अरविंद शुक्ला, हेड कांस्टेबल शराफत अली, राहुल कुमार, सोहनपाल, गुरपाल, विनय सिंह, कांस्टेबल
भूपेंद्र राणा, दीपक कुमार, अभिषेक तोमर, प्रशांत शेखर सिंह शैंकी यादव, चंद्रप्रकाश ,अमित कुमार, भानू राठी, दानवीर,अमित, महिला कांस्टेबल डॉली रानी। पुलिस टीम थाना खैराबाद थानाध्यक्ष अनिल सिंह, दरोगा अवधेश कुमार यादव, महिला दरोगा आकांशा देवी, हेड कांस्टेबल सौरभ गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, कांस्टेबल पीयूष सिंह, करमवीर सिंह, आकाश बाबू , आस मोहम्मद , मेराज अहमद, कपिल कुमार , नरेश कुमार मौजूद थे।


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