परसेंडी ब्लॉक में मनरेगा घोटाले का आरोप, फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट
आइडियल इंडिया न्यूज , पुनीत यादव सीतापुरसीतापुर। जनपद के विकासखंड परसेंडी अंतर्गत ग्राम पंचायत बेदौरा, धनांग, धिमौरा, हुसैनपुर बहादुरपुर, इमलिया, कंजाशरीफपुर, मझिगवां, रौरापुर और सरावां में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी सहायक और एपीओ के संरक्षण में रोजगार सेवकों द्वारा मनरेगा कार्यों में खुलेआम फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कार्यस्थलों पर वास्तविक रूप से केवल 5 से 10 मजदूर ही काम करते नजर आते हैं, जबकि कागजों में इससे कहीं अधिक मजदूरों की हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस तरह की अनियमितताएं सीधे तौर पर जिलाधिकारी के निर्देशों और शासन की मंशा को चुनौती देती नजर आ रही हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी एपीओ को दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मनरेगा योजना को सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया था, लेकिन परसेंडी ब्लॉक की इन ग्राम पंचायतों में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। कुछ लापरवाह प्रधानों और संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के चलते मनरेगा के नाम पर फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच

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