उत्तर प्रदेश साहित्य सभा एवं शालिनी साहित्य सृजन, आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान मे भव्य एवं सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन संपन्न
आइडियल इंडिया न्यूज़
संजय पांडेय सरस, प्रमुख संपादक आजमगढ़
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ एवं शालिनी साहित्य सृजन, आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान प्रतिभा निकेतन निकेतन, एटलस टैंक, आजमगढ़ के सभागार में एक भव्य एवं सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत सुप्रसिद्ध स्वरसाधिका श्रीमती सपना बनर्जी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।कार्यक्रम की आयोजिका, उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ की उपाध्यक्ष एवं शालिनी साहित्य सृजन की सचिव श्रीमती शालिनी राय ने उपस्थित कवियों, साहित्यकारों एवं श्रोताओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया।मुख्य अतिथि डॉ. प्रवेश सिंह ने अपने उद्बोधन में दोनों साहित्यिक संस्थाओं द्वारा जनपद में साहित्यिक चेतना के संवर्धन हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रमुख शिक्षाविद्, साहित्यकार एवं प्रकांड ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह 'मयंक' ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में काव्यशास्त्र की महत्ता एवं उसकी विविध विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए साहित्यकारों एवं नवोदित रचनाकारों को निरंतर सृजनशील बने रहने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में जनपद के अनेक प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। गोष्ठी में मुख्य रूप से डॉ. शशी भूषण प्रशांत, पंडित हरिहर पाठक, दिनेश श्रीवास्तव 'दाहिर', डॉ. रुद्रनाथ चौबे 'रुद्र', डॉ. आशा सिंह, विजयेंद्र श्रीवास्तव 'करुण', राकेश पांडे 'सागर', रत्नेश राय, संतोष पांडे, डॉ. मोनिका शर्मा, आदित्य आज़मी, डॉ. वसीउर्रहमान नोमानी, श्रीमती शालिनी राय, श्रीमती बृजबाला, रितेश पांडे, अखिलेश यादव तथा संदीप राय ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से देर शाम तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किए रखा।कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन राकेश पांडे 'सागर' ने किया।अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन के दौरान प्रोफेसर प्रभुनाथ सिंह 'मयंक' ने सभी रचनाकारों की प्रस्तुतियों की समग्र समीक्षा करते हुए उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा आगामी आयोजन तक इस साहित्यिक गोष्ठी को स्थगित करने की घोषणा की।प्रेषक :विजयेंद्र श्रीवास्तव 'करुण'संयोजक, उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़।


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