भगवान विष्णु के छठवें अवतार है परशुराम
निकाली गई शोभा यात्रा,लगा भगवान परशुराम का जयकारा
आइडियल इंडिया न्यूज़
संजय पांडेय सरस, प्रमुख संपादक,आजमगढ़
चंद्रमा ऋषि आश्रम स्थित भगवान परशुराम मन्दिर में पूजा पाठ एवं यज्ञ हवन कर मनाई गई परशुराम जयंती
भगवान परशुराम के नारों से गूंज उठा मन्दिर
आजमगढ़। रविवार को सिलानी नदी स्थित चन्द्रमा ऋषि आश्रम पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भगवान परशुराम के मन्दिर में पूजा पाठ एवं यज्ञ हवन के साथ उनके जीवन पर विचार गोष्ठी के बाद धूम धाम से निकली गई शोभा यात्रा ।भगवान परशुराम की जय के नारों एवं जयकरों के साथ चन्द्रमा ऋषि आश्रम से प्रारम्भ शोभा यात्रा भंवर नाथ ,पाण्डेय बाजार एवं शहर के विभिन्न मोहल्लों से गुजराती हुई कुंवर सिंह उद्यान में समाप्त हुई ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ पण्डित सूर्य नारायण पाठक के आचार्यत्व में पण्डित श्याम रतन चतुर्वेदी एवं पण्डित अवनीश पाण्डेय के सहयोग से वैदिक रीति से पूजन, मंत्रोंचार एवं स्वस्ति वाचन के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया ।इस दौरान उपस्थित ब्राह्मण समाज के लोगों ने विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित होकर यज्ञ हवन के दौरान अपनी आहुति देकर विश्व शान्ति की कामना किया ।
इस अवसर पर ब्राह्मण कल्याण परिषद के अध्यक्ष बृजेश नंदन पाण्डेय ने कहा कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं । वह शस्त्र और शास्त्र दोनों के देवता है ।भगवान परशुराम के जीवन से हमें अन्याय का प्रतिकार करने की सीख मिलती है। उन्होंने त्रेता युग में अत्याचारी सहस्रार्जुन सहित अनेक विधर्मी शासकों का विनाश करते हुए पृथ्वी पर धर्म की स्थापना कर समाज में व्याप्त भय और आतंक को समाप्त किया। अध्यक्ष बृजेश नन्दन पाण्डेय ने कहा कि राजनीतिक कारणों से भगवान परशुराम की जयंती पर पूर्व से घोषित अवकाश को समाप्त कर दिया गया जो अन्याय है।इस दौरान एक प्रस्ताव पास हुआ कि केन्द्र सरकार भगवान परशुराम जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करे एवं सरकारी किताबों में भगवान परशुराम के विषय में पढ़ाया की जाय।
इस अवसर पर वरिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित संयुक्त विकास आयुक्त राम बाबू त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का आवेशावतार माना जाता है एवं उनका क्रोध रचनात्मक था । भगवान परशुराम का प्राकट्य धर्म एवं न्याय की रक्षा तथा अधर्म के विनाश के लिए हुआ था ।वह धरती पर वैदिक संस्कृति की स्थापना करना चाहते थे।
भगवान परशुराम एक महान योद्धा ही नहीं बल्कि एक महान शिक्षक भी थे ।उन्होंने द्वापर युग में महाभारत काल के महान योद्धाओं को अस्त्र शस्त्र की शिक्षा भी दी ।
इस दौरान संरक्षक एवं कार्यक्रम संयोजक तारकेश्वर मिश्र ने कहा कि महान तपस्वी परशुराम सप्त चिरंजीव में एक है को शिवजी ने मृत्युलोक के कल्याणार्थ परशु प्रदान किया था। भगवान परशुराम सप्त चिरंजीव है जो आज भी अजर-अमर है एवं उनका जीवन समाज के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि परशुराम दो शब्दों से मिलकर बना है परशु और राम ।परशु प्रतीक है संहार का और राम प्रतीक है सृजन का अर्थात संहार में शिव समाहित है और सृजन में विष्णु ।इस प्रकार भगवान परशुराम संहार और सृजन के देवता हैं ।
कार्यक्रम के दौरान चन्द्रमा ऋषि आश्रम के महंत बम बम गिरी एवं पण्डित सुरेन्द्र पाठक ने भगवान परशुराम के स्वरूप में शोभा यात्रा के वाहन पर सवार होकर यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे । चंद्रमा ऋषि आश्रम से निकली शोभा यात्रा भँवर नाथ ,पाण्डेय बाजार,कटरा ,सब्जी मंडी,चौक,बड़ा देव होते हुए कुंवर सिंह उद्यान में समाप्त हुई। यात्रा के दौरान लोगों में जमकर उत्साह दिखा और भगवान परशुराम के नारे से पूरा कुंवर सिंह उद्यान गूंज उठा ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रजेश नन्दन पाण्डेय एवं संचालन महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी के साथ अभय तिवारी ने किया ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रूप से आमंत्रित लोगों को भगवान परशुराम नामी अंग वस्त्रम प्रदान कर सम्मानित भी किया गया ।
समारोह में संरक्षक मंडल की सदस्य डॉ मालती मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, मनीष मिश्रा, बहादुर चौबे, हरिवंश मिश्रा,रगिनी तिवारी,विश्व देव उपाध्याय ,सतीश कुमार मिश्र,गिरीश चतुर्वेदी,आनन्द उपाध्याय,राधे श्याम मिश्र,रामाश्रय उपाध्याय,रामकवल चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार पाण्डेय,उपेन्द्र दत्त शुक्ला,गोविन्द दुबे, राजन पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी,शशांक तिवारी,अशोक कुमार पाण्डेय,अभिषेक उपाध्याय, पंकज पाण्डेय, वेद पाण्डेय,सौरभ उपाध्याय, सतीश चन्द्र पाण्डेय,राजन पाण्डेय, सतीश कुमार पाण्डेय, गिरिजासुवन पाण्डेय, राकेश मणि त्रिपाठी, डॉ मनोज द्विवेदी,कृष्ण कुमार उपाध्याय,डॉ नवीन दुबे, डॉ बी पाण्डेय, डॉ राजीव पाण्डेय, पंकज तिवारी, वीरेन्द्र मिश्रा,गणेश पाण्डेय, मिथिलेश मिश्रा , तेज प्रताप पाण्डेय,राजन चौबे सत्य प्रकाश मिश्रा, सुभाष पाण्डेय,शिव सहाय पाठक,राजीव त्रिपाठी,मनोज त्रिपाठी,धनंजय पाण्डेय,सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे।
भवदीय - मनोज कुमार त्रिपाठी महामंत्री, ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, मो 0- 9473782828



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