होली का त्यौहार आपसी भाईचारे और सद्भाव का पैगाम देता है- संजय पांडे सरस
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ एवं तमसा काव्य मंच आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह एवं कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन
आइडियल इंडिया न्यूज़
मनोज कुमार पांडेय आजमगढ़
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ एवं तमसा काव्य मंच आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह एवं कवि गोष्ठी का आयोजन नगर के प्रतिष्ठित मारवाड़ी धर्मशाला के दीप सदन सभागार में संपन्न हुआ । सर्वप्रथम आए हुए अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया।
तत्पश्चात उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयोजक विजयेंद्र करुण द्वारा स्वरचित सरस्वती गीत प्रस्तुत किया गया इसके पश्चात आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं माल्यार्पण डॉक्टर रुद्रनाथ चौबे रुद्र ,रत्नेश राय ,संतोष पांडे , शालिनी राय एवं रितेश पांडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रायोजक राकेश पांडेय सागर द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत उद्बोधन किया गया तत्पश्चात संस्था अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दानिश द्वारा विषय प्रवर्तन करते हुए उक्त गोष्ठी में 'साहित्य में होली का स्थान' विषय पर चर्चा की प्रस्तावना रखी गई । इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर प्रभु नाथ सिंह मयंक ने विस्तार से ऋग्वेद से लेकर आज तक होली के उत्सव को समय-समय पर कैसे मनाया गया इसका नामकरण कैसे हुआ यह विदेश में कैसे मनाई जाती है इत्यादि पर विस्तार से चर्चा करते हुए भारतीय साहित्य में कवियों,साहित्यकारों द्वारा होली पर्व को साहित्य में किस प्रकार स्थान दिया गया विशद चर्चा की गयी । इसके पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष की अनुमति से कवि गोष्ठी का प्रारंभ हुआ जिसमें जनपद के प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित साहित्यकार /कवियों ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के मंडल संयोजक संजय कुमार पांडे सरस ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इस भाईचारे के पर्व को उत्साह और उमंग के साथ मनाने की बात कही और कहां की यह त्योहार आपसी भाईचारे और सद्भाव का का पैगाम देता है। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉक्टर प्रवेश सिंह ने पूर्व की भाँति इस वर्ष भी होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्था के सभी पदाधिकारी और सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई दिया। तमसा काव्य मंच के अध्यक्ष डॉ ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने होली को गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक बताते हुए अपनी रचनाओं से शाम को और भी बेहतरीन कर दिया। इस अवसर पर मऊ से पधारे हुए सुरेंद्र सिंह चांस ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की । पंडित जन्मेजय पाठक ,पंडित हरिहर प्रसाद पाठक, अमित श्रीवास्तव एडवोकेट ,बृज बाला ,श्रीमती सपना बनर्जी ,राजेश अनंत, संदीप राय ,रूपेश मौर्य ,नामी चिरैयाकोटी जैसे प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित कवियों और साहित्यकारों शायरों ने अपनी अपनी रचनाओं से देर रात तक समां बांधे रखा। कार्यक्रम का सफल संचालन विजयेंद्र करुण द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर कुछ साहित्यकार/कवियों को संस्था में नए दायित्व भी दिये गये । इस क्रम में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा में राकेश पांडे सागर को उपाध्यक्ष, श्रीमती बृजबाला को संगठन मंत्री तथा संदीप गांधी निहाल को सह मंत्री एवं तमसा काव्य मंच में महामंत्री का दायित्व सौंपा गया। अंत में सभी ने एक दूसरे को अबीर व गुलाल लगाकर होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।



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