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नवाचार से उद्यमी बने विद्यार्थी: मुकुल वेदी

 नवाचार से उद्यमी बने विद्यार्थी: मुकुल वेदी

आइडियल इंडिया न्यूज़ 
डा राजेश जैन, जौनपुर 

              


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के विज्ञान संकाय के अंतर्गत बॉयोटेक्नोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद से पधारे विशेषज्ञ वक्ता मुकुल वेदी ने छात्र-छात्राओं को उद्यमिता एवं नवाचार के विविध आयामों से अवगत कराया।

श्री वेदी ने विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए आइडिया से बिजनेस प्लान तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कृषि, पर्यावरण, मेडिकल डिवाइस, फूड सेक्टर, टिश्यू कल्चर, डायग्नोस्टिक किट, स्टार्टअप संस्कृति तथा नवाचार की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही उद्योग–अकादमिक सहयोग में ईडीआईआई की भूमिका को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार एवं अनुसंधान आधारित स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शोध, कौशल विकास, इंटर्नशिप और नेटवर्किंग के महत्व को बताते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवा उद्यमी वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपने विचारों को व्यवसाय में परिवर्तित कर सकते हैं।

           

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया सहित विभिन्न करियर संबंधी प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ वक्ता ने विस्तार से समाधान किया।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव एवं बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अतिथि वक्ता का स्वागत किया और कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को नई दिशा एवं दृष्टि प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के संयोजक विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर श्री मुकुल वेदी का आभार व्यक्त किया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस व्याख्यान से विद्यार्थियों को उद्यमिता की समझ विकसित करने में विशेष सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.संजीव कुमार मौर्य ने किया एवं अतिथि का जीवन परिचय फ़ूड साइंस टेक्नोलॉजी की छात्रा स्नेहा मौर्य ने प्रस्तुत किया। 
इस अवसर प्रो एस पी तिवारी, डॉ ऋषि श्रीवास्तव, डॉ प्रतिमा, डॉ श्वेता, डॉ सिपाही लाल पटेल समेत शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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