संघर्ष और संभावनाओं की कहानी : नवोदित कवयित्री व टीवी एंकर सेजल वैश्य
आइडियल इंडिया न्यूज़
आनन्द गिरि मायालु,नेपाल
नेपालगंज की उभरती हुई प्रतिभा सेजल वैश्य आज एक नवोदित कवयित्री और टेलीविजन प्रोग्राम एंकर के रूप में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अवसर कभी-कभी हमारी योजनाओं से अलग रास्ता दिखाते हैं, और यदि हम उन्हें खुले मन से स्वीकार करें, तो वही रास्ता हमारा भविष्य गढ़ देता है।
सेजल वैश्य का जन्म 2059/12/06 को नेपालगंज में हुआ। उनके पिता जय कुमार वैश्य और माता मंजू वैश्य ने उन्हें संस्कारों, आत्मविश्वास और सृजनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वर्तमान में वे स्नातक स्तर पर BBS की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ अपने करियर को भी मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं।
बचपन से ही सेजल का रुझान बैंकिंग क्षेत्र की ओर था। वे इसी क्षेत्र में अपना भविष्य देखती थीं, लेकिन जीवन ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। लगभग छह महीने पहले उन्हें नेपाल टेलीविजन (NTV) में काम करने का अवसर मिला। एक फ्रेशर होने के कारण रिपोर्टिंग और एंकरिंग का अनुभव न के बराबर था, फिर भी उन्होंने इस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया।
NTV में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए वे बताती हैं कि वहाँ उन्हें सहकर्मियों और वरिष्ठों का भरपूर सहयोग मिला। रिपोर्टिंग की बारीकियाँ, कैमरे के सामने आत्मविश्वास और दर्शकों से संवाद—ये सभी चीज़ें उन्होंने काम करते-करते सीखी हैं। आज भी उन्हें अपने साथियों से निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है, जिसके लिए वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं।
धीरे-धीरे सेजल की रुचि इस क्षेत्र में बढ़ने लगी और अब वे मीडिया को केवल एक अवसर नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और सशक्त माध्यम के रूप में देखती हैं। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के, केवल मेहनत, सीखने की इच्छा और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह साबित किया है कि लगन हो तो रास्ते अपने आप बनते हैं।
सेजल को अपने कार्य के लिए साहित्य सृजन संस्थान,सीतापुर के आयोजन में एक सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। वहाँ उन्हें नया समझकर लोगों ने जिस अपनत्व और प्रोत्साहन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, वह अनुभव उनके लिए बेहद यादगार रहा। यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।
काम के साथ-साथ सेजल की रचनात्मकता भी उन्हें विशेष बनाती है। नृत्य करना, पेंटिंग बनाना, किताबें पढ़ना और बच्चों के साथ समय बिताना उनके प्रिय शौक हैं। वे एक नवोदित कवयित्री भी हैं और मानती हैं कि कविता उनके भावों को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है।यात्राओं के प्रति भी उनका विशेष लगाव है। उन्होंने मुख्य रूप से भारत की यात्रा की है, जबकि नेपाल में पोखरा, मुक्तिनाथ, बुटवल और लमही जैसे स्थानों की यात्राएँ उनके अनुभवों में विविधता और गहराई जोड़ती हैं।
सेजल वैश्य की कहानी केवल एक करियर यात्रा नहीं, बल्कि आत्म-खोज, साहस और निरंतर सीखते रहने की कहानी है। आज वे उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो बिना अनुभव के नए क्षेत्रों में कदम रखने से हिचकिचाते हैं। सेजल यह साबित करती हैं कि अगर अवसर मिले, तो उसे पूरे मन से अपनाना चाहिए—क्योंकि वही अवसर हमें हमारी असली पहचान तक पहुँचा सकता है।

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