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न्यूज़+वीडियो,,👉👉टी.ई. टी. अनिवार्यता के विरोध के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर दिया धरना

 टी.ई. टी. अनिवार्यता के विरोध के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर दिया धरना

आइडियल इंडिया न्यूज़ 

शरद कपूर, समाचार सम्पादक सीतापुर 

                 




सीतापुर, टी. ई.टी. अनिवार्यता लागू किए जाने के निर्णय के विरोध में सीतापुर में मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले दिया धरना। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश शर्मा के आह्वान पर प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन एक मंच पर आकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। सीतापुर में टीचर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के बैनर तले रवींद्र दीक्षित प्रांतीय उपाध्याय - जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ सीतापुर, राधा प्रजापति जिला अध्यक्ष महिला संगठन सीतापुर, मनीष रस्तोगी जिला अध्यक्ष जूनियर शिक्षक संघ सीतापुर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रांगण में जिले भर के शिक्षको व शिक्षिकाओ के साथ धरना दिया। 

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धरने की अध्यक्षता रवींद्र दीक्षित ने की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई है । प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दिनांक 27 जुलाई 2011 से लागू किया गया है । अधिनियम के अनुसार अधिनियम नियम के प्रभावी होने की तिथि से अथवा उसके उपरांत नियुक्त होने वाले शिक्षकों को शिक्षा पात्रता परीक्षा टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है जबकि उसके पूर्व में नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है परंतु माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 1 सितंबर 2025 के निर्णय के द्वारा देश के सभी राज्यों में अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो की पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है। फलस्वरूप देशभर के शिक्षक टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलनरत रहकर भारत सरकार से उपरोक्त के संबंध में अध्यादेश लाकर आरटीई में पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी में छूट देने की अपील कर रहे हैं। रवींद्र दीक्षित ने बताया कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में इससे पहले कई चरण में आंदोलन किया जा चुका है। आंदोलन के प्रथम चरण में 22 फरवरी 26 को अपनी मांग को लेकर इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हैशटैग अभियान चलाया गया। अभियान पूरे देश में नंबर एक ट्रेड पर रहा। द्वितीय चरण में बाद 23 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक शिक्षको ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध जाता रहे हैं। जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मनीष रस्तोगी ने कहा कि माननीय न्यायालय से हमें उम्मीद है हो सकता है कोई आदेश आ जाये हमें देश की राजधानी में धरना न करना पड़े। महिला संगठन जिला अध्यक्ष राधा प्रजापति ने कहा कि हमारे मांगे उचित है सरकार को कोई न कोई रास्ता अवश्य निकालना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री हंसराज वर्मा ने धरने में उपस्थित सभी शिक्षक शिक्षकों को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पढ़कर सुनाया सभी शिक्षकों ने हाथों को उठा कर के समर्थन व्यक्त किया । नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि हम शिक्षक हैं हमें शिक्षा कार्य करने दे हमें आंदोलन करने पर मजबूर न करें। हम संगठित है ये ही हमारी ताकत है। पवन सिंह ने कहा की टीईटी बहुत कठिन नही पर ये हमारे सम्मान पर कुठाराघाट है जो हम शिक्षकों पर जबरन टीईटी थोपी जा रही है। उमेश सिंह यादव ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का मजाक बना दिया । शिवसागर वर्मा ने कहा आप अपने संगठन पर विश्वास रखें हमारा अच्छा ही होगा। अरुण मिश्रा सीनियर बेसिक शिक्षक संघ ने कहा सरकार हम शिक्षकों को आपस में तोड़ने का कार्य कर रही है । राष्ट्रीय शेरसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिंदू भी शिक्षकों के समर्थन में आए और उन्होंने कहा कि मेरा व मेरे संगठन का पूरा समर्थन शिक्षकों के साथ में हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से सभी शिक्षक शिक्षिकाएं पैदल मार्च करते हुए जिला अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। वहाँ प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन महेंद्र तिवारी नायब तहसीलदार ने लिया । ज्ञापन देने के बाद रवींद्र दीक्षित ने धरने में आए सभी शिक्षक साथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो अगला धरना मार्च में देश की राजधानी में होगा। जिसके लिए सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन व शिक्षक साथी तैयार रहे जिसमें आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। मंच का संचालन दिनेश मिश्रा ने किया। धरने में पंकज अवस्थी मांडलिक मंत्री जूनियर शिक्षक संघ , गिरजेश अवस्थी, उमेश यादव, रत्नेश मिश्र, पुनीत शुक्ला "जीतू" , वंदना दीक्षित, महिपाल सिंह तोमर, अश्वनी सिंह एलिया, महेंद्र पाण्डेय, शिव सागर वर्मा, अश्वनी सिंह पिसवा, अजय सिंह, ज्ञान प्रकाश, सिद्धार्थ पटेल, शबनम महिला संगठन, जंग बहादुर, नसीर अहमद, सचिदानन्द अवस्थी,महेश पाल सिंह, गरिमा रंजन, सपना भारती, विनय गिहार, सुनील बाजपेई, अजीत सिंह, पंकज शाक्य, शिवेंद्र कुमार, श्रीपाल, प्रदीप वर्मा, लक्ष्मी गोयल, पवन त्रिपाठी एवं सभी ब्लॉकों के सम्मानित अध्यक्ष - मंत्री व उनकी कार्य समिति व हजारों की संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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