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सरहुल पूजा में साफ सफाई, नशा मुक्त समाज, बच्चों का भविष्य निखारना, हमारी पहली प्राथमिकता : समाजसेवी सुनील कच्छप

 सरहुल पूजा में साफ सफाई, नशा मुक्त समाज, बच्चों का भविष्य निखारना, हमारी पहली प्राथमिकता : समाजसेवी सुनील कच्छप

₹11000 दान देकर सुनील कछयप ने सरहुल पूजा समिति का हौसला अफजाई किया

आइडियल इंडिया न्यूज़

डॉ कमल कुमार कश्यप , समाचार संपादक

                 


कमडे। रांची सांस्कृतिक युवा मंच का सरहुल पूजा महोत्सव को लेकर शुक्रवार को कमडे में एक बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता सरहुल पूजा समिति कमडे के अध्यक्ष सुनील कछप व महरु उरांव (महतो) ने किया। सरहुल पूजा समिति कमडे के दोनों अतिथियों ने संयुक्त बयान में कहा कि सरहुल शोभा यात्रा के दौरान सड़क गली की साफ सफाई, रंग रोगन, झंडा बैनर के साथ शोभा यात्रा पूरी तरह नशा मुक्त हो इसके साथ ही कमडे में रहने वाले बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करना हर एक समिति के सदस्यों का फर्ज है। जिससे आगे चलकर होनहार यह बच्चे समाज के लोगों का नाम ऊंचा करेंगे। जिससे सरहुल पूजा महोत्सव में चार चांद लगेगा ।इसके साथ ही साथ छोटे बच्चों बच्चियों को मोबाइल से दूर रखना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। 

                    

इसके साथ ही क्षेत्र में शराब की बिक्री सरहुल से पहले ही बंद करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरहुल शोभा यात्रा में शामिल कई गांव की शोभ यात्रा का भव्य स्वागत करने में कोई कसर नहीं रहना चाहिए। सरहुल शोभा यात्रा में स्वास्थ्य सेवा, प्रशासन का सहयोग, के अलावे स्वयंसेवा भी होना चाहिए। शोभा यात्रा में हुडदंगियों पर भी नजर रखी जाएगी, जो आब रूह पर कीचड़ उछालने का प्रयास करते हैं ।

पूजा समिति के अन्य गणमान्य सदस्यों ने बताया कि यह हमारी पुरानी परंपरा है जिसके अंदर दो अखाड़ा बनाया गया है। जिसके दौरान सरना स्थल पर पूजा होता है जिसमें लगभग हजारों की संख्या में सरना धर्म को मानने वाले महिला पुरुष बच्चे बच्चियां शामिल होते हैं।

वही सरहुल पूजा समिति के अध्यक्ष महरू उरांव (महतो) ने बताया कि 20 मार्च को उपवास 21 मार्च को पूजा सरहुल शोभा यात्रा निकाला जाता है। जो हमारी परंपरा के अनुसार है इस दौरान रास्ता घर मकान की रंग रोगन झंडा बैनर लगाने का प्रावधान है। सरना धर्म को मानने वाले 21 मार्च पूजा होने के बाद ही नया फल, नया अन्न, ग्रहण करने की शुरुआत करते हैं। इस तरह के खान-पान से समाज के लोगों का कफ, वात, पित्त, संतुलित होता है। जिससे निरोगी बनते हैं। इसी दरमियान उन्होंने यह भी बताया कि इस सरहुल पर्व की शोभा यात्रा को निकालने में खर्च आता है उसे समाज के लोग स्वेच्छा से चंदा एकत्र कर धूमधाम से मनाते हैं। जैसे कमडे के सम्मानित परिवार सुनील कछयप ने सरहुल पूजा के लिए 11000 रुपया दान देकर सरहुल पूजा समिति के सदस्यों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है।

इस मौके पर संजय खाखा, सुनील उरांव, सोनू तिर्की, अजीत उरांव, मनीष उरांव, सुनील उरांव, चंदा कछप, करन उरांव, ऋषि तिर्की, राजबल्लभ उरांव, शनि उरांव, शंकर उरांव, संदीप उरांव, कृष्णा उरांव, अर्जुन मिंस, सुरेश तिर्की, राजेश कछप, विनोद साह, राम उरांव, के अलावे अन्य गणमान्य भी शामिल थे।

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