बाबा गणिनाथ गोविंद मंदिर व ट्रस्ट के गोविंदपुरम प्रांगण में उतरा बैकुंठ, जहां रची जाएगी युगों युगों की दिव्य गाथा : निपुण मृणाल
28 फरवरी को प्रांगण में जब मूर्तियों में धड़केगा देवतत्व, तब मनेगा "महा उत्सव
गोविंदपुरम में दिखेगा शिव का वैराग्य, राम की मर्यादा, राधा कृष्ण का प्रेम, के साथ गणिनाथ बाबा का संरक्षण जो एक छत के नीचे है विराजमान
आइडियल इंडिया न्यूज़
डॉ कमल कुमार कश्यप ,समाचार संपादक
रांची, झारखंड। रांची के रातू में रची जा रही है युगों युगों की सबसे दिव्य गाथा, क्या आपने कभी हवाओं में चंदन की खुशबू और धड़कनों में मंजिरों की गूंज एक साथ महसूस की है ? अगर नहीं तो अपनी आत्मा के तरकश को कस लीजिए। झारखंड की राजधानी रांची का रातू इलाका अब सिर्फ एक भूगोल नहीं बल्कि देवलोक का नया पता बनने जा रहा है। गणिनाथ गोविंद ट्रस्ट के संकल्प से उभरा यह भव्य मंदिर 28 फरवरी सन 20 26 को उस इतिहास का गवाह बनेगा जिससे आने वाली पीढ़ियां मिसाल के तौर पर याद रखेंगे ।यह केवल पत्थरों की प्राण प्रतिष्ठा नहीं है यह आस्था का एक ऐसा सुनामी है जो हर भक्त के हृदय को भिगोने आ रहा है।
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तीन दिन, तीन लोक: आस्था का ॔इनसाइड॔ टाइमलाइन तैयार हो जाइए, क्योंकि इन तीन दिनों में रातों की सड़कों पर धूल नहीं बल्कि पुष्प वर्षा होगी। हमारे स्पेशल बुलेटिन के अनुसार कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ ऐसी है कि देवता भी स्वर्ग से झांकने को मजबूर हो जाएंगे ।
फरवरी माह नर्मदा का नर और भक्ति की पीर कलश यात्रा के साथ जब हजारों भक्त जल लेकर निकलेंगे तो मानो पूरी गंगा ही रांची की सड़कों पर उतर आएगी। शाम की आरती की लौ ऐसी होगी की रातों का आसमान दिवाली सा जगमगा उठेगा ।
नगर भ्रमण तक का दिव्य सफर भगवान के विग्रहों को अन्य पुष्प और औषधीय से अर्जित किया जाएगा लेकिन असली आकर्षण होगा नगर भ्रमण जब स्वयं प्रभु अपने सिंहासन से उतरकर भक्तों के द्वारा पहुंचेंगे, तब नजार ऐसा होगा जैसा अयोध्या और मथुरा एक साथ रातू में मिल गए हो। 28 फरवरी महा उत्सव जब मूर्तियों में धड़केगा देव तत्व यही वह दिन है, हवन के धुएं के साथ उठती स्वाहा की गूंज और मत्रों की शक्ति से मूर्तियों के प्राण फुके जाएंगे। इसके बाद शुरू होगा महा भंडारा, जहां स्वाद और श्रद्धा का अटूट संगम होगा ।
यहां सियासी चमक, और आस्था की धमक, माननीयो का जमावड़ा, 28 तारीख को होगा।इसके साथ ही आम भक्त ही नहीं बल्कि झारखंड की सियासत के शिखर पुरुष भी गणिनाथ बाबा के दरबार में अपनी हाजिरी लगाएंगे। सूत्रों की माने तो कई दिग्गज नेता यहां राम-राम की पट्टी यो के बीच नतमस्तक होते दिखेंगे। राजनीति और अध्यात्म का यह ऐसा दुर्लभ मिलन होगा, जहां पद और प्रतिष्ठा किनारे रहकर केवल श्रद्धा प्रधान होगी। यह आयोजन केवल एक ट्रस्ट का नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति का है जिनकी नसों में सनातनी गौरव और गणिनाथ बाबा के प्रति अटूट प्रेम दौड़ता है। अगर आप इन दिनों में रातों की ओर रुख नहीं किया तो आप एक ऐसे आध्यात्मिक गौरव को खो देंगे। जिससे फिर से देखने के लिए शायद आपको एक सदी का इंतजार करना पड़ेगा। सूत्र बताते हैं कि इस आयोजन में रांची झारखंड के राज्यपाल समेत मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री समेत कई दिग्गजों के आने की संभावना व्यक्त की गई है। गणिनाथ गोविंद ट्रस्ट आयोजक समिति




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