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कम लागत, अधिक मुनाफा, गेंदा की खेती बनी किसानों की नई पहचान

 कम लागत, अधिक मुनाफा, गेंदा की खेती बनी किसानों की नई पहचान


उद्यान विभाग की प्रेरणा से किसान ने रचा सफलता का मॉडल

आइडियल इंडिया न्यूज़
राजेश कपूर अयोध्या


 

अयोध्या। भगवान राम की नगरी के रूप में विश्व प्रसिद्ध अयोध्या अब फूलों की खेती के लिए भी अपनी नई पहचान बना रही है। योगी सरकार में यहां गेंदा की खेती ने किसानों की आर्थिक स्थित्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कम लागत और अधिक मुनाफे वाली इस खेती ने परंपरागत फसलों से हटकर व्यावसायिक बागवानी की ओर किसानों को प्रेरित किया है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत अमानीगंज विकासखंड के ग्राम सुमेरपुर निवासी किसान प्रदीप कुमार को सफलता की कहानी इसी का जीता-जागता उदाहरण है। प्रदीप कुमार पहले परंपरागत तरीके से गेंदा की खेती करते थे, लेकिन वर्ष 2024-25 में उद्यान विभाग की प्रेरणा और मार्गदर्शन से उन्होंने इसे व्यवस्थित रूप से अपनाया। मात्र 0.2 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा की खेती शुरू की।तीन महीने में फसल तैयार हुई और उन्होंने 75 क्विंटल गेंदा फूल उत्पादित किया। इसे नाका बाजार मकबरा और नवीन सब्जी मंडी में 5500 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा। कुल आमदनी लगभग 4.20 लाख रुपये हुई, जबकि व्यय मात्र 45 हजार रुपये था। इस प्रकार शुद्ध लाभ 3.75 लाख रुपये रहा। यह कम लागत में उच्च मुनाफे का शानदार मॉडल है, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। मंदिर निर्माण के बाद बागवानी की ओर किसानों का
रुख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत उद्यान विभाग फूलों की खेती को बढ़ावा दे रहा है। राम मंदिर निर्माण और पर्यटन वृद्धि से अयोध्या में फूलों की मांग बढ़ी है, जिससे गेंदा जैसे फूलों की खेती लाभकारी साबित हो रही है। किसान अब धान-गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों को छोड़कर बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं।

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