रामलीला के द्वारा ताड़का वध लीला का किया गया मंचन भक्त हुए भाव विभोर
आइडियल इंडिया न्यूज़डा दयाशंकर गुप्ता एडवोकेट घोरावल सोनभद्र
घोरावल। घोरावल नगर के शिव मंदिर धर्मशाला प्रांगण में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार रात भगवान श्रीराम द्वारा राक्षसी ताड़का वध का मंचन किया गया। धर्म प्रचारक रामायण रामलीला मंडल द्वारा आयोजित रामलीला में दर्शकों की भीड़ रही।
मंचन के दौरान पर्दा उठने पर दिखाया गया कि अयोध्या के राजदरबार में ब्रह्मर्षि विश्वामित्र पहुंचते हैं।राजा दशरथ द्वारा उनके आगमन का प्रयोजन पूछने पर विश्वामित्र कहते हैं कि ताड़का, खर, दूषण जैसे बहुत से मायावी महाराक्षसों के आतंक से ऋषियों का जीना दूभर हो गया है।वह यहां राम और लक्ष्मण को उनसे मांगने के लिए आए हैं ताकि वे उन राक्षसों का संहार कर सकें।पुत्रमोह में दशरथ आना कानी करते हैं तो विश्वामित्र क्रोधित हो जाते हैं।महर्षि वशिष्ठ राजा दशरथ को समझाते हैं और दशरथ अपने पुत्रों राम व लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ जाने की आज्ञा प्रदान करते हैं।जंगल के रास्ते जाते समय मनुष्यों व ऋषियों के हड्डियों का पहाड़ जैसा ढेर दिखाकर विश्वामित्र बताते हैं कि इन्हें राक्षसों ने मार डाला है।जंगल के रास्ते में ताड़का उन्हें मिलती है, जिसे भगवान राम अपने एक ही बाण से यमलोक पहुंचा देते हैं, वहीं राक्षस मारीच को एक बाण मारते हैं, जिससे वह कई योजन दूर गिरता है।विश्वामित्र के आश्रम पहुंचकर राम-लक्ष्मण महाबलशाली खर -दूषण को विशाल सेना सहित यमपुरी पहुंचाते हैं।राक्षसों के वध से ऋषि मुनि प्रफुल्लित हो जाते हैं और आकाश से पुष्पवर्षा होती है।इस अवसर पर संचालक दिनेश दुबे, अशोक अग्रहरि, संगम उमर, मनोज कुमार, महंत दिनेश सिंह इत्यादि मौजूद रहे।

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