लीडरशिप जो काम करे, बातें नहीं – कार्यसम्राट MLA किशोर अप्पा पाटिल, जिन्होंने पाहन-लाख रोड की समस्या का हमेशा के लिए समाधान किया
आइडियल इंडिया न्यूज़बागुल, पाचोरा,जलगांव
पाचोरा। यह कहने के बाद भी कि बड़ी गाड़ी नहीं गुजरेगी, सड़क खराब है, वे पीछे नहीं हटे और किसानों के साथ बहुत खराब सड़क पर मोटरसाइकिल चलाकर चार किलोमीटर तक डैम तक गए, जो कार्यसम्राट MLA किशोर अप्पा पाटिल हैं। पाहन के लोगों ने एक बार फिर इस लीडरशिप का अनुभव किया जिसने पाहन के लोगों से कही बातों को सिर्फ वादा नहीं, बल्कि काम में बदला।तय तारीख पर पाहन-लाख रोड पर मौजूद रहकर, MLA साहब ने एक ही बार में सालों से पेंडिंग समस्या का हमेशा के लिए समाधान कर दिया। इस मौके पर MLA किशोर अप्पा पाटिल ने संबंधित अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर को साफ और पक्का आदेश दिया —“आज से ही सड़क का काम तुरंत शुरू करें। अगर कोई रुकावट डालता है, तो बिना किसी समझौते के उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें और सही क्रिमिनल धाराओं के तहत केस दर्ज करें।”इस सख्त चेतावनी ने सड़क के काम को लेकर सारी अनिश्चितता खत्म कर दी।इसके बाद, पाहन-लाख रोड का शिलान्यास करके काम की ऑफिशियल शुरुआत की गई। “लोगों का भरोसा मेरे लिए सबसे ऊपर है” यह बात MLA साहब ने अपने कामों से एक बार फिर साबित कर दी।इस मौके पर ज़िला परिषद सदस्य पदम बापू पाटिल, शिवसेना तालुका अध्यक्ष विनोद तावड़े, डिप्टी मेयर किशोर बावरकर अप्पा, नगरसेवक और एग्रीकल्चरल मार्केट कमेटी के चेयरमैन *गणेश बापू, कॉन्ट्रैक्टर संजू नाना (SSP ग्रुप), प्रदीप आबा*, साथ ही आबाजी गोबा पाटिल, विलास चूड़ामन पाटिल, विलास सुभाष पाटिल, एकनाथ अहिरे*, विनोद सुरेश पाटिल, अरुण आधार पाटिल, भाऊसाहेब चूड़ामन पाटिल, शालिक राजाराम पाटिल, रविकांत (सोनू पाटिल) सागर पाटिल, मंगेश पाटिल, प्रशांत पाटिल, मनोहर पाटिल, अखिल पटेल, ऋषिकेश महाजन, तुषार पाटिल के साथ बड़ी संख्या में गांववाले और किसान मौजूद थे। इसके बाद, पाहन के लोगों ने MLA के सामने सिंचाई के लिए पानी की गंभीर समस्या रखी। जैसे ही पता चला कि डैम तक जाने वाली सड़क बहुत खराब है और कोई बड़ी गाड़ी नहीं निकल सकती, MLA किशोर अप्पा पाटिल बिना किसी फॉर्मैलिटी के किसान भाइयों के साथ मोटरसाइकिल पर करीब चार किलोमीटर का सफर तय करके सीधे डैम का इंस्पेक्शन किया। जंगल के इलाके में बने इस डैम से पाहन गांव को सिंचाई का पानी कैसे दिया जाए, इस पर मौके पर ही बातचीत और इंस्पेक्शन किया गया और काम करने की दिशा तय की गई।

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