राष्ट्रीय सहारा के सभी संस्करणों का प्रकाशन अगले आदेश तक ठप, संबंधित अखबार कर्मी परेशान
आइडियल इंडिया न्यूज़डा ए के गुप्ता,द्वारका,नई दिल्ली
नई दिल्ली।सहारा मीडिया के वेंचर राष्ट्रीय सहारा अखबार के सभी संस्करणों का प्रकाशन आज से अगले आदेश तक ठप कर दिया गया है। राष्ट्रीय सहारा अखबार कुल सात यूनिटों से प्रकाशित होता था। इसमें नई दिल्ली, देहरादून, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और पटना यूनिट से यूपी, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, भोपाल, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल करीब 56 संस्करण प्रकाशित होते थे।
इसमें दिल्ली यूनिट से करीब 4 माह से प्रकाशन ठप था और अन्य यूनिटों में प्रकाशन जारी था। लेकिन बृहस्पतिवार की शाम को राष्ट्रीय सहारा के सभी यूनिटों के यूनिट हेड और प्रबंधकों ने अपने अपने यूनिट के मीडिया कर्मियों को बताया कि मीडिया हेड सुमित राय का मौखिक निर्देश आया है कि आज से सभी यूनिटों में अखबार का प्रकाशन नहीं होगा।
यूनिट टेड और प्रबंधकों ने कहा कि मीडिया हेड सुमित राय को जयब्रत राय की तरफ से लगातार निर्देश दिया जा रहा था कि कर्मचारियों की छंटनी करें और अखबार का प्रकाशन तत्काल बंद करायें। संभवत: इसी आधार पर आज से ही सभी संस्करणों का प्रकाशन अगले आदेश तक बंद किया जा रहा है।
अखबार बंदी की सूचना पाकर राष्ट्रीय सहारा गोरखपुर यूनिट के सभी कर्मचारी वहां डीएलसी कार्यालय पर शिकायत लेकर पहुंच गए। मीडिया कर्मियों ने डीएलसी से कहा कि बिना पूरा भुगतान किया और निर्धारित अवध के नोटिस के अखबार का प्रकाशन आज से बंद कर दिया गया है और सभी कर्मचारियों को तत्काल त्यागपत्र देने की निर्देश दिया गया है। यह पूरी तरह से न्याय के प्रतिकूल और गलत है। इस पर हमें न्याय दिलाया जाए। इस पर डीएलसी ने तत्काल सहारा अखबार के गोरखपुर यूनिट के प्रबंधक पीयूष बंका को तलब किया और तत्काल उचित और नियम अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अखबार बंदी की सूचना पर पटना यूनिट में भी सभी मीडिया कर्मी इकट्ठा हुए और डीएलसी ऑफिस में लिखित शिकायत करने का निश्चय किया। इसी तरह राष्ट्रीय सहारा के लखनऊ यूनिट में भी शाम को सभी अखबार कर्मी इकट्ठा हुए और उन्हें संपादक बृजेश मिश्रा की तरफ से बताया गया कि यूनिट हेड अजित बाजपेयी ने निर्देश दिया है कि आज से अखबार का प्रकाशन नहीं होगा। इसके बाद अखबार कर्मियों ने ऑफिस में बैठक की और डीएलसी कार्यालय में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करने का संकल्प लिया।


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