लहूलुहान हाल में खुद पहुंचा अस्पताल, गर्दन और हाथ में लगे टांके, वाराणसी में चीनी मांझे से बरेका कर्मी की बाल-बाल बची जान, - Ideal India News

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लहूलुहान हाल में खुद पहुंचा अस्पताल, गर्दन और हाथ में लगे टांके, वाराणसी में चीनी मांझे से बरेका कर्मी की बाल-बाल बची जान,

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लहूलुहान हाल में खुद पहुंचा अस्पताल, गर्दन और हाथ में लगे टांके, वाराणसी में चीनी मांझे से बरेका कर्मी की बाल-बाल बची जान,


Varanasi-》 Jay chand, 


-】शाम को बाइक से नाइट ड्यूटी के लिए बरेका जा रहे थे। जैसे ही ककरमत्ता ओवर ब्रिज पर बाइक से पंकज पहुंचे कि अचानक सामने से आए चीनी मांझे की चपेट में आ गए। जानलेवा चीनी मांझे से पंकज का गला बुरी तरह कट गया और गला बचाने में हाथ लगाने पर चीनी मांझे से हथेली भी जख्मी हो गया।

मकर संक्रांति आते ही हर तरह पतंगबाजी शुरू हो गई है। इसके साथ ही पतंगों के खतरनाक मांझे से हादसे भी सामने आने लगे हैं। वाराणसी में एक ऐसे ही हादसे में बरेका (बनारस रेल कारखाना) कर्मी की जान बाल-बाली बची। ककरमत्ता ओवर ब्रिज पर गुरुवार की शाम जानलेवा चीनी मांझे ने बरेका कर्मी पंकज पांडेय (35) का गला और हथेली रेत दिया।

लहूलुहान हाल में बरेका कर्मी किसी तरह बाइक से बरेका स्थित केंद्रीय अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने गले और हाथ में टांके लगाए। इस घटना से बरेका कर्मियों के परिवार में खौफ है।  भेलूपुर थाना अंतर्गत बड़ी पटिया निवासी पंकज पांडेय बरेका स्थित लोको फ्रेम में इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्शन में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत है।

बरेका अस्पताल में भर्ती, गर्दन और हाथ में लगे टांके

दर्द से छटपटाते लहूलुहान हाल में पंकज किसी तरह बाइक से सीधे बरेका स्थित केंद्रीय अस्पताल पहुंचे और परिजनों सहित सह कर्मियों को घटना की सूचना दी। तुरंत मौके पर पहुंचे बरेका कर्मी नवीन सिन्हा सहित अन्य ने तुरंत उपचार शुरू कराया। बुरी तरह जख्मी गले और हथेली सहित अंगूठे में चिकित्सकों ने टांके लगाए। इस घटना से कर्मियों में काफी रोष रहा, मांग किया कि पुलिस चीनी मांझे की अवैध बिक्री पर रोक लगाए।


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