पतंग की ऊंची उड़ान- कब तक लेगी लोगों की जान? - Ideal India News

Post Top Ad

पतंग की ऊंची उड़ान- कब तक लेगी लोगों की जान?

Share This
#IIN

डा यू एस भगत वाराणसी
--------------
पतंग की ऊंची उड़ान- कब तक लेगी लोगों की जान?


----------------------------------------------------------------- 


वाराणसी 5 जनवरी, सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक समाजसेवी डॉ० अशोक कुमार राय, आर्य महिला पी०जी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो० रचना दुबे, कोऑर्डिनेटर डॉ० अन्नपूर्णा दीक्षित, महासचिव राजन सोनी एवं उपाध्यक्ष अनिल केशरी के नेतृत्व में लगातार लोगों का गला काटने के साथ पशु पक्षियों को जान लेने पर आमदा एवं प्रत्येक साल विरोध करने के बावजूद बाजार में बिक रहे कातिल जानलेवा चाइनीज मंझे के बिक्री के खिलाफ लहुराबीर स्थित आर्य महिला पी०जी० कॉलेज के परिसर में छात्राओं ने आगामी पतंग के पर्व मकर संक्रांति को देखते हुए 'भइया मेरे याद रखना चाइनीज मंझे का बहिष्कार करना' आदि नारों के साथ एक स्वर में शपथ लिया कि हम शपथ लेते हैं कि हम अपने- अपने भाइयों के साथ ही आस-पड़ोस के बच्चों को चाइनीज मंझे के दुष्परिणामों के बारे में जागृत करते हुए उन्हें कातिल चाइनीज मंझे से पतंग ना उड़ाने के लिए प्रेरित कर उनमें जागरूकता लाएंगे। उपरोक्त अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल डॉ०अशोक कुमार राय  प्रिंसिपल प्रो० रचना दुबे, डा० अन्नपूर्णा दीक्षित महासचिव राजन सोनी एवं उपाध्यक्ष अनिल केशरी ने कहा कि अदालती आदेश के बावजूद यहां पर चाइनीज मंझे की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। पिछले साल बहुत ज्यादा विरोध- प्रदर्शन के बाद एकाध बार छापे की कार्रवाई हुई थी। जिसमें प्रशासन को सफलता भी मिली थी। मगर इस बार कहानी ढाक के पात हैI पतंग उड़ाने के दीवानों और बिक्री कर रहे दुकानदारों के आपसी सामंजस्य से इसकी बिक्री अभी भी लुकाछुपी बदस्तूर जारी हैI श्री जायसवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य किसी भी दुकानदार के रोजी-रोटी या पेट पर लात मारने का नहीं हैI बस मकसद यह है कि जिस प्रकार से पूर्व में दुकानदार देसी मंझे को बेचकर बिना किसी को हानि पहुंचाए अपना कारोबार करते थे। उसी ढर्रे को पुन: अपनाकर इस कातिल चाइनीज मंझे को बाजार में बिक्री करने के लिए जनहित में को देखते हुए ना मंगाए। ताकि लोगों को गंभीर रूप से इस जानलेवा चाइनीज मंझे का शिकार ना होना पड़े। अगर सभी दुकानदार इस खतरनाक चाइनीज मांझा को न बेचने के लिए कटिबद्ध हो जाएंगे। तो बाजार से इसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।और वे अपने कारोबार को पूर्व की भांति बिना किसी रोक-टोक के सुचारू रूप से चला सकेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से: मुकेश जायसवाल, डॉ०अशोक कुमार राय, प्रो० रचना दुबे, डा० अन्नपूर्णा दीक्षित, राजन सोनी, अनिल केसरी सहित राष्ट्रीय सेवा योजना की सैकड़ों छात्राएं शामिल थी।
भवदीय
 मुकेश जायसवाल
 अध्यक्ष 
सुबह-ए- बनारस क्लब

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad