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सरकारी तंत्र द्वारा परेशान, भया दोहन किया जा रहा ट्रांसपोर्टरों को अन्य विभाग द्वारा

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सरकारी तंत्र द्वारा परेशान, भया दोहन किया जा रहा ट्रांसपोर्टरों को  अन्य विभाग द्वारा

 कमल कुमार कश्यप

 रांची झारखंड बिहार

रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील सिंह चौहान के साथ पूरी कार्यकारिणी भारतीय जनतंत्र मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी से मुलाकात कर अपनी पीड़ा क्रमवार बताई। सरकारी तंत्र द्वारा परेशान किया जा रहा ट्रांसपोर्टरों को किस तरह भया दोहन किया जा रहा है अन्य विभागों द्वारा इस पर भी चर्चा हुई। सरकार द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर बसाने का आधा अधूरा केवल खानापूर्ति  ही बताया। ट्रांसपोर्ट का कार्य व्यवसाय नहीं सेवा है इस व्यवसाय में ज्यादातर बेरोजगार पढ़े-लिखे युवक, अशिक्षित, गरीब लोग ही जुड़े हैं। चाहे वह ड्राइवर के रूप में,  मोटीया मजदूर के रुप में, पर सरकार की यह नीति दुर्भाग्यपूर्ण है। छोटे-छोटे लोग कर्ज से वाहनों को बैंक से ऋण लेकर निकालते हैं मेहनत करते हैं सेवा देते हैं पर इनको अलग नजरिए से देखा जाता है। सहयोग के दृष्टिकोण से नहीं। धारणा ही हीन भावना की बनी हुई है, सरकारी तंत्रों की। श्री सुनील चौहान जी ने नगर निगम द्वारा भया दोहन, गलत तरीके से नियम बता कर लोगों को तबाह करना। गलत पार्किंग का हवाला देना, जबकि कोई पार्किंग की व्यवस्था सरकार द्वारा द्वारा नहीं की गई। नगर निगम रोड पर खड़ी गाड़ियों से पार्किंग  वसूलता है सोच को सुधारने की आवश्यकता है और जनहित में नियमों को लचीला बनाना है भय के वातावरण से निकालना होगा। ट्रैफिक पुलिस को भी सहयोग करना चाहिए। सेवा कार्य में लगे ट्रांसपोर्टरों को। ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की बात सरकार 2010 से कर रही है पर अभी तक ट्रांसपोर्ट नगर बना नहीं वर्तमान सरकार ने पहल की है पर वह एक दिखावा है ट्रांसपोर्ट नगर कम से कम 300 एकड़ में बनना चाहिए सभी सुविधाओं का समावेश होना चाहिए। पर वर्तमान सरकार 40 एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर बनाकर केवल खानापूर्ति करना चाहती है 30- 40 बरस में होने वाले परिवर्तन को देखते हुए ट्रांसपोर्ट नगर बनाना चाहिए। झारखंड में 300 एकड़ से कम में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होना चाहिए। सरकार को अविलंब इस पर ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठकर अपनी सोच को सही करना चाहिए, जो जनहित में हो। पड़ोसी राज्यों में कहीं 200 एकड़ कहीं ढाई सौ एकड़ कहीं डेढ़ सौ एकड़ मैं ट्रांसपोर्ट नगर बना है प्रतिदिन वाहनों का लोड शहरों पर बढ रहा है  इसे कम करने के लिए व्यवस्थित तरीके से ट्रांसपोर्ट नगर बनाना चाहिए। सरकार अभिलंब सुधार करें और झारखंड में कम से कम 300 एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का प्रावधान लाए। या शहर में चार तरफ से जो वाहन आते हैं प्रवेश करते हैं चारों द्वार पर अलग-अलग ट्रांसपोर्ट नगर बनाए। छोटा ट्रांसपोर्ट नगर बनाने से अफरा तफरी का माहौल होगा। जनता परेशान होगी और वसूली का धंधा बढ़ेगा! सरकार संज्ञान में लेकर ट्रांसपोर्ट कर्मियों को सही व्यवस्था प्रदान करें! ताकि अन्य राज्यों से आने वाले वाहन हमारे प्रदेश में आने से ना हिचके। श्री तिवारी ने विश्वास दिलाया जल्द ही हम ट्रांसपोर्ट सचिव से मिलकर आप की मांगों पर चर्चा करेंगे साथ ही नगर निगम के प्रशासक से भी मिलकर उनके द्वारा सहयोग की बात करेंगे। श्री तिवारी ने विश्वास दिलाया कि हम हर समय आपके साथ हैं और सरकार से बात कर जल्द ही आपके कार्य में होने वाली परेशानियों के निराकरण के लिए कदम उठाएंगे।
 रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नवनिर्वाचित सदस्य श्री सुनील सिंह चौहान जी के साथ श्री प्रभाकर सिंह, श्री रणजीत तिवारी, श्री रविंद्र दुबे, श्री दिनेश सिंह, श्री विनय सिंह, श्री अनिल माथुर, श्री कुंदन सिंह मुन्ना, श्री राज किशोर सिंह राजू, श्री रिंटू जी आदि भी साथ में थे

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