विशेषज्ञों ने चौथी बार प्रोटोकॉल में शामिल करने से इनकार कियाज़, कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं होगी मोल्नुपिराविर, - Ideal India News

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विशेषज्ञों ने चौथी बार प्रोटोकॉल में शामिल करने से इनकार कियाज़, कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं होगी मोल्नुपिराविर,

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विशेषज्ञों ने चौथी बार प्रोटोकॉल में शामिल करने से इनकार किया

कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं होगी मोल्नुपिराविर, 


आदर्श पांडेय


-】मोल्नुपिराविर को कोरोना उपचार की गाइडलाइंस में शामिल न किए जाने के सवाल पर आईसीएमआर महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि विशेषज्ञों ने गहन विचार-विमर्श किया है और दवा पर हुए तीन परीक्षणों के आंकड़ों की सोमवार को समीक्षा की।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के विशेषज्ञों ने कोरोना रोधी दवा मोल्नुपिराविर को कोविड-19 के उपचार के प्रोटोकॉल में शामिल करने से चौथी इनकार कर दिया है। विशेषज्ञों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इससे होने वाले जिन फायदों का दावा किया जा रहा है, उनसे ज्यादा इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

भार्गव ने कहा, ‘‘मौजूदा उपलब्ध और संकलित साक्ष्यों की समीक्षा की गयी और सदस्यों ने आम-सहमति से माना कि कोविड-19 के लिए उपचार के राष्ट्रीय दिशानिर्देशों में मोलनुपिराविर को शामिल करना उचित नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि सामने आ रहे साक्ष्यों की समीक्षा जारी रखी जाएगी।

आईसीएमआर प्रमुख ने कहा कि मोल्नुपिराविर के लिए इस्तेमाल का मौजूदा दायरा काफी कम है और इसकी प्रासंगिकता केवल बुजुर्गों, टीका नहीं लगवाने वालों और अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए है। उन्होंने कहा, ‘‘डायबिटीज रोगियों को, पहले संक्रमित हो चुके लोगों या टीका लगवा चुके लोगों में इसके फायदों का कोई सबूत नहीं मिला।’’


उन्होंने बुधवार को कहा, ‘‘हमने काफी विचार किया और अंतिम निष्कर्ष यही निकला है कि मोल्नुपिराविर के कुछ जोखिम हैं, जिससे इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी की जरूरत है। बैठक में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि मोल्नुपिराविर का अंधाधुंध और अतार्किक तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके ज्यादा प्रयोग को रोकने के लिए कोशिशें शुरू होनी चाहिए, क्योंकि इसके जिन लाभ का दावा किया जा रहा है, उनसे अधिक इसके ज्ञात और अज्ञात नुकसान हैं।’’

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