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OMICRON ओमायक्रॉन- आपकें सवालों के जवाब,

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OMICRON ओमायक्रॉन- आपकें सवालों के जवाब,

Dr Manohar Sasane




 *1. ओमायक्रॉन क्या है?*
ओमायक्रॉन एक विषाणु, वायरस है। कोविड कि पहली लहर का विषाणु SARS nCOV2 में म्यूटेशन्स होकर यह नया वायरस बन गया है। अल्फा, बीटा, गॅमा, लॅमडा, डेल्टा, डेल्टा प्लस मे म्युटेशन्स होकर यह ओमायक्रॉन वायरस बन गया है। इसका साइंटिफिक नेम B.1.1.529 ऐसा है।
*2. क्या यह ओमायक्रॉन खतरनाक है, जानलेवा है?*
ओमायक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में बत्तीस म्यूटेशन्स पाये गये है। इसकी वजह से इसकी संक्रमण क्षमता बढ़ गई है। लेकिन आजतक जितने भी मरीज ओमायक्रॉन से पीड़ित है, उनमे लक्षण तो हल्के या मध्यम स्वरूप के दिखाई दिये है। तो डेल्टा जितना खतरनाक था, उतना खतरनाक ओमायक्रॉन नही है और जानलेवा भी नही है। फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टेड्रॉस एधानोम घेब्रेयसस जी का कहना है, 'इसको नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।'
*3. विश्व मे कितने देशों में ओमायक्रॉन फैल गया है?*
9 नवम्बर में द अफ्रीका में ओमायक्रॉन से संक्रमित पहला मरीज पाया गया। उसके बाद बोत्सवाना, ब्राजील, ब्रिटन, नेदरलैंड, जर्मनी, डेन्मार्क, कॅनडा, ऑस्ट्रेलिया, भारत आदि सतहत्तर से अधिक देशो मे यह फ़ैल गया है।
*4. भारत में कितने केसेस है?* भारत मे सतरा दिसम्बर तक सौ से अधिक ओमायक्रॉन पॉझिटिव केसेस पाये गए है ।
महाराष्ट्र मे 32, दिल्ली मे 22, राजस्थान मे 17, कर्नाटक और तेलंगाना मे 8, गुजरात और केरला मे 5, बाकी राज्यों में भी कुछ मरीज पॉझिटिव पाये गए है।
*5. यह ओमायक्रॉन बीमारी वैश्विक महामारी के रूप में आयेगी क्या?*
ओमायक्रॉन तेजी से फैल रहा है। यह महामारी के रूप में आने की संभावना है। इस विषय में अधिक जानकारी लेने के लिए *ओमायक्रॉन तिसरी लहर बिल्कुल नही?* इस वीडियो को जरूर देखे। उसकी लिंक डिस्क्रिप्शन मे दी है।
*6. पहले और दूसरे लहर में जो व्यक्ति कोरोना से बीमार हो गए थे, उनको ओमायक्रॉन बीमारी हो सकती है क्या?*
जो व्यक्ति कोरोना को हराकर ठीक हो गये है, उनके शरीर मे ओमायक्रॉन वायरस के खिलाफ लढनेवाले प्रतिपिंडे तैयार है। तो उनको होने की संभावना कम है, लेकिन संक्रमण न होने की गारंटी तो नही है। याने की सावधान रहना चाहिये। 
*7. क्या अगर लहर आयी तो इंजेक्शन्स, ऑक्सीजन, बेड्स की सुविधाएं कम हो जाएगी?*
बिल्कुल नही। एक तो लहर आयी  तो OPD लेवल पर आयेगी। याने की मरीज दवा लेकर ठीक हो जायेगा। भरती न होने की संभावना तो नही कह सकता, लेकिन कम होगी। पहले और दूसरे लहर में लक्षण ज्यादातर गम्भीर होने की वजह से बहुत सारे मरीजों कों भरती करना पड़ता था। उस वक्त दवायें, ज्यादात्तर इंजेक्शन रेमडिसीवीर, ऑक्सीजन तथा बेड्स कम पड़ गए थे। लेकिन अभी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। तो चिंता करने की कोई जरूरत नही है।
*8. RAT या RT-PCR टेस्ट पॉझिटिव् आया तो, वो डेल्टा है या डेल्टा प्लस है या ओमायक्रॉन है यह कैसा पता चलेगा?*
यह तो अच्छा सवाल है। क्योंकी डेल्टा, डेल्टा प्लस कम हो गए है लेकिन अभितक उनका सर्वनाश नही हुआ है। जो भी टेस्ट्स पॉझिटिव आते है, उनके सैम्पल जांच के लिये याने के जिनोम टेस्टिंग के लिये लैब में भेजें जाते है। लैब में *जीन* में बदलाव या म्यूटेशन्स टेस्ट करने से पता चलता है कि यह वायरस ओमायक्रॉन है या नही?
*9. जिन लोगों ने टीकाकरण करवाया है, उनको ओमायक्रॉन संक्रमण हो सकता है क्या?*
मैं ना तो नही कह सकता, लेकिन संभावना कम है। क्योंकी टीकाकरण से प्रतिपिंडे तैयार होती है। उनको Active artificial adaptive immunity प्राप्त होती है। लेकिन वो antibodies नये वायरस के प्रति काम करेगी या नही यह तो पक्के तौर पर नही कहा जा सकता। फिर भी अभितक जो ओमायक्रॉन से संक्रमित मरीज है उनमें ज्यादातर वैक्सीन न लेनेवाले लोग है। तो वैक्सीन जल्द से जल्द लेना चाहिये। 
*10. वैक्सीन का बूस्टर डोज लेने की आवश्यकता है क्या?*
अच्छा ही है। बूस्टर डोज लिया तो इम्युनिटी और बढ़ जाएगी और ज्यादा दिन तक रहेगी। सिरम इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सायरस पूनावाला और CEO अदार पूनावाला ने बूस्टर डोज लेने की सिफारिश की है। न तो केवल सिफारिश की है, बल्कि उन्होंने बुस्टर डोज लिये है।
         विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि हम तो बुस्टर डोज के खिलाफ नही है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोगों का पहला डोज और दूसरा डोज जल्दी होना चाहिए। Priority होनी चाहिये। 
        तो एक प्रिंसिपल ध्यान में रखिये। जल्द से जल्द जो भी कम्पनी का हो पहला डोज लेना चाहिये। अनुसूची के अनुसार दूसरा डोज लेना चाहिये और जब भी बुस्टर डोज मिलना शुरू हो जायेगा तभी वो भी जल्दी लेना चाहिये। 

*11. कितने दिन तक रहेगा यह कोरोना ?*
      *विश्व मे महामारी 1720, 1820, 1920 और अभी 2020 में आयी है। याने की सौ साल बाद*  महामारी आती ही है। यह तो इतिहास है। सतरासौ बीस में प्लेग, 1820 मे कॉलरा, 1920 में इन्फ्लूएंजा। यह pandemics दो या तीन साल तक रहा है। कोरोना महामारी को दो साल तो हो गये है। मैं आशा करता हूं कि अभी इस महामारी का अंत हो जाना चाहिये। और हो भी जाएगा।
 *लेकिन-----*  
-- *अगर आपने mask, social distancing और personal Hygiene इस त्रिसूत्री का पालन किया तो।*
-- *अगर आपने टीकाकरण करवाया तो।*
-- *अगर आपने जिन लोगों ने टीकाकरण नही करवाया, उनको टीकाकरण करवाने के लिये जबरदस्ती की तो।*
-- *अगर आपने लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह ली तो।*
-- *अगर आपने आहार, व्यायाम और नींद के प्रति उचित लक्ष देकर अपना स्वास्थ्य अच्छा रख दिया तो।*
        तो यारों, आपके और भी सवाल हो तो मुझे मेल करे या कमेंट बॉक्स में डाले। मैं आपके सब सवालों का जबाब दे दूंगा। यह मेरा वादा है। ओमायक्रॉन के मामले में सावधानी से रहिये। त्रिसूत्री का पालन करते रहो। स्वस्थ रहो, सुरक्षित रहो।
*-- डॉ मनोहर ससाणे. जीवनप्रकाश हॉस्पिटल,* 
drsasanebooks@gmail.com
*(ओमायक्रॉन की अधिकतम जानकारी के लिए happy life by dr manohar sasane इस यु ट्युब चॅनेल को विजिट करें। चॅनल को सबस्क्राईब करे।)*

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