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तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सम्मेलन का हुआ समापन

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वाराणसी: तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सम्मेलन का हुआ समापन 

जयचन्द वाराणसी






वाराणसी- तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सम्मेलन का हुआ समापन वाराणसी में  14-16 दिसम्बर, 2021 तक चल रहे तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज समापन हुआ। इस सम्मेलन में कुल दस तकनीकी सत्रों में तीस आमंत्रित व्याख्यान एवं तीन स्मृति व्याख्यान आयोजित हुए। इस सम्मेलन में दस देशों के लगभग 700 प्रतिनिधियों ने भौतिक एवं वर्चुअल रूप से भाग लिया। सब्जियों के क्षेत्र में शोध कार्य को बढावा देने हेतु एवं सब्जी उत्पादकता और उसकी उपलब्धता में वृद्धि के लिये इस सम्मेलन में विभिन्न विषयों से सम्बन्धित जैसे- कृषि में आर्टिफिशयल इन्टेलेजेन्स एवं ड्रोन तकनीकी का प्रयोग, जैविक खेती, किसान उत्पादक संगठनों का निर्माण, निजी एवं सहकारी क्षेत्रों द्वारा उद्यामिता, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण  हेतु संस्तुतियाँ की गयी। किसानों की आय बढाने के लिये उपभोक्ता केन्द्रीत एवं बाजार उन्मुख सब्जियों के किस्मों का विकास हेतु सरकारी एवं निजी संगठनों को एक साथ मिलकर काम करने पर बल दिया गया। युवाओं में कृषि के प्रति आकर्षण हेतु विश्वविद्यालय में औद्योगिक संस्थानों द्वारा छात्रों को पढाई के लिये छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाये। सब्जियों की खेती में कीट एवं रोगनाशी रसायनों के प्रयोग में कमी लाने की अनुशंसा की गयी जिससे अवशेषी रसायनों के संचयन में कमी आये एवं निर्यात के मापदण्डों को पूरा कर सके। नौ सत्रों में प्रस्तुत किये गये शोध पत्रों में से प्रत्येक सत्र के तीन श्रेष्ठ शोध पत्रों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। आज के समापन सत्र की अध्यक्षता डा. कीर्ति सिंह, पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मण्डल ने किया। अपने उद्बोधन ने डा. सिंह ने संस्थान में हो रहे शोध कार्यों की सराहना करते हुये सम्मेलन की संस्तुतियों को मूर्तिरूप देने की अनुशंसा की। आज के कार्यक्रम में चयनित किसान भी शामिल हुए जिनको प्राकृतिक खेती के प्रथम शिखर सम्मेलन, आनन्द, गुजरात के सजीव प्रसारण में केन्द्रीय कृषि मंत्री, गृह एवं सहकारिता मंत्री, राज्यपाल, गुजरात एवं माननीय प्रधानमंत्री जी का प्राकृतिक खेती के लिए दिये गये सुझाव एवं लाभ को सुनाया गया। सजीव प्रसारण में माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने बताया कि एक गाय के गोबर एवं मूत्र से 30 एकड़ में कृषि उत्पादन बिना रसायनिक उर्वरक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में डा. टी. के. बेहेरा, निदेशक, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान,  डा. डी.पी. रे, पूर्व अध्यक्ष, भारतीय सब्जी विज्ञान समिति, डा. एच. पी. सिंह, पूर्व उपमहानिदेशक (उद्यान), डा. के. वी. पीटर, अध्यक्ष, भारतीय सब्जी विज्ञान समिति, डा. एस. के. शर्मा, पूर्व निदेशक, डा. संजय सिंह, महानिदेशक, उपकार, लखनऊ, डा. जगदीश सिंह, डा. पी.एम. सिंह, डा. के. के. पाण्डेय, डा. नीरज सिंह, डा. आर. बी. यादव, डा. एस.के. सिंह, डा. सुधाकर पाण्डेय, डा. आत्मानंद त्रिपाठी, डा. इन्द्रीवर प्रसाद, डा. रामेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे।

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