असंतुलित पर्यावरण का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव" विषय पर कार्यशाला आयोजित, - Ideal India News

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असंतुलित पर्यावरण का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव" विषय पर कार्यशाला आयोजित,

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*असंतुलित पर्यावरण का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव" विषय पर कार्यशाला आयोजित*

*# सर सैय्यद अहमद इंटर कालेज के तत्वावधान में "ज्योतिर्मय विज्ञान मंच" ने किया आयोजन*

शाहगंज जौनपुर Rajesh kumar Gupta,




विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था "ज्योतिर्मय विज्ञान मंच" ने सर सैय्यद अहमद इंटर कालेज में "असंतुलित पर्यावरण का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला की अध्यक्षता कालेज के प्रधानाध्यापक शाहिद नईम ने की। कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता ज्योतिर्मय विज्ञान मंच के प्रमुख डॉ रविन्द्र अस्थाना ने छात्रों को असंतुलित पर्यावरण के दुष्प्रभाव को विस्तार से समझाया।
श्री अस्थाना ने कहा कि स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत, हरित भारत- स्वस्थ पर्यावरण युक्त भारत हमारा सपना है लेकिन असंतुलित पर्यावरण के चलते जलवायु परिवर्तन भी तेजी से हो रहा है जिसका हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण असंतुलित होने से संचारी और गैर संचारी दोनों प्रकार के रोगों के होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण का अहम योगदान है।
आधुनिक जीवन शैली के कारण जैसे-जैसे पेड़ पौधों और तालाबों की संख्या कम होती जा रही है, वैसे-वैसे पक्षियों की संख्या भी कम होती जा रही है और कीड़ों-मकौड़ों की संख्या बढ़ती जा रही है जो फसलों के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं। फसलों की रक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए  हम रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं और उसका पुनर्चक्रण मृदा से होते हुए पौधों, पशुओं और मनुष्यों में जा रहा है जिससे घातक बीमारियों का प्रभाव बढ़ रहा है और मानव जाति विभिन्न बीमारियों से जूझ रही है और हम कुपोषित होते जा रहे हैं इसके बावजूद हम संवेदनशील नहीं हैं। हम सबको प्रकृति और पारंपरिक खेती के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।इस दौरान मोहम्मद अहसान, लालमान, शिशिर कुमार यादव, एम एच नियाज़ी, विवेक कुमार, दिलीप कुमार, आनंद सिंह, मोहम्मद यासिर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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