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नो-ट्रैवेल हिस्ट्री वाले भी हो रहे हैं संक्रमित, क्या कम्युनिटी ट्रांसमिशन की तरफ बढ़ रहा है ओमिक्रॉन

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 नो-ट्रैवेल हिस्ट्री वाले भी हो रहे हैं संक्रमित, क्या कम्युनिटी ट्रांसमिशन की तरफ बढ़ रहा है ओमिक्रॉन


डॉक्टर मिथिलेश श्रीवास्तव- स्वास्थ्य



-】ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों की हाल-फिलहाल कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है, वह ओमिक्रॉन के शिकार कैसे हो रहे हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में नो-ट्रैवेल हिस्ट्री वाले लोगों में ओमिक्रॉन संक्रमण के कारणों के बारे में जानते हैं।

दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञ इसे अब तक का सबसे अधिक संक्रामक कोरोना वैरिएंट मान रहे हैं। इस नए वैरिएंट में कई ऐसे म्यूटेशन देखे गए हैं जो इसे वैक्सीनेटेड लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम बनाते हैं। यूके, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका जैसे देशों में ओमिक्रॉन तेजी से बढ़ता जा रहा है, वहीं भारत में भी अब तक 100 से अधिक लोगों में इसके संक्रमण की पहचान की जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस वैरिएंट की प्रकृति को लेकर चिंतित हैं। इसके साथ ही कई ऐसे लोगों को भी ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया जा रहा है जिनको टीके की दोनों डोज मिल चुकी है और हाल-फिलहाल उन्होंने विदेशों की कोई यात्रा भी नहीं की है।

नो-ट्रैवेल हिस्ट्री और ओमिक्रॉन संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वायरस के प्रसार को सीमित करने के लिए सभी लोगों को लगातार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी जा रही है। बड़ी चिंता इस बात की है कि बिना किसी ट्रैवेल हिस्ट्री वाले लोग भी इससे संक्रमित हो रहे हैं, जो इस बात का संकेत हो सकता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट अब कम्युनिटी ट्रॉसमिशन की तरफ बढ़ रहा है। भारत में अब तक करीब 11 राज्यों में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
नो-ट्रैवेल हिस्ट्री वाले लोगों में ओमिक्रॉन संक्रमण को लेकर वैज्ञानिकों की एक टीम का मानना है कि संभवत: संक्रमण का शिकार हो रहे लोग ऐसे हो सकते हैं जिनका अब तक वैक्सीनेशन नहीं हो सका है। चूंकि अधिकांश आबादी का टीकाकरण हो चुका है, जिससे हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो सकती है, ऐसे में जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है उनमें संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं टीकाकरण करा चुके लोग अगर संक्रमित हो भी रहे होंगे तो ज्यादातर मामले एसिम्टोमेटिक हो सकते हैं। 


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