सरेआम सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों से हादसों का खतरा - Ideal India News

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सरेआम सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों से हादसों का खतरा

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*सरेआम सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों से हादसों का खतरा*

अंबेडकरनगर Krishn Kumar Mishra, 



शहर से गुजरते माल ढोने वाले वाहनों की ओवरलोडिंग एक बहुत बड़ी समस्या है और शहर में ऐसे ओवरलोड वाहन सरेआम बिना किसी डर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन पर कोई नकेल नहीं कसी जाती, जबकि पुलिस की आंखों के सामने दौड़ते यह ओवरलोड लोगों के लिए उनकी जान का खतरा बने हुए हैं।लेकिन यह ओवरलोड वाहन लोगों को तो नजर आ जाते हैं लेकिन पुलिस को क्यों नहीं दिखाई देते? यह एक बड़ा सवाल है। ओवरलोडिंग के कारण शहर में आए दिन कोई न कोई बड़ा हादसा हो जाता है। लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती और न ही इनसे कोई सबक सीखा जाता। इसमें समाज और पुलिस दोनों बराबर के जिम्मेदार हैं। क्योंकि आम लोग इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते और पुलिस अधिकारी या एआरटीओ डिपार्टमेंट इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। यहीं कारण है कि यह ओवरलोड वाहन बिना किसी डर के सड़कों पर दौड़ते हैं।ट्रकों या ट्रालियों की ओवरलोडिंग की बात करें तो इनमें केवल परिवहन विभाग ही कार्रवाई कर सकता है। परंतु किन कारणों से एआरटीओ बी डी मिश्रा कार्यवाही से कतराते है।ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वे सिर्फ छोटे वाहनों का चालान काटने का अधिकार रखते हैं। ऐसे में यदि कोई ओवरलोडेड हेवी व्हीकल दिख भी जाता है तो वो उसे तब तक नहीं रोकते जब तक वह कोई ट्रैफिक नियम न तोड़े। इसका कारण पूछने पर जवाब मिलता है जब चालान ही नहीं काट सकते तो क्यों रोकें। आरटीओ विभाग की ओर से सड़क हादसे पर लगाम लगाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके नशा, रफ्तार, फिटनेस और ओवरलोड वाहन हर साल सैंकड़ों लोगों की जिदगी लील रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी अफसोस जताने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। वे किसी भी हादसे से सीख नहीं ले रहे हैं।फिटनेस न होने के बावजूद वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते देखे जा सकते हैं। ओवरलोड तो पुलिस और एआरटीओ विभाग के वसूली का जरिया बन गया है। बिना इनके इन विभाग का काम ही नहीं चलना है। जनपद की सड़कों पर ओवरलोड वाहन आसानी से दौड़ रहे हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई न के बराबर है। हालांकि परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर लगाम की बात करता है, लेकिन सड़कों पर दौड़ लगाते ओवरलोड वाहन सारे दावों की पोल खोल रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्राली में ओवरलोड सामान लेकर चलना तो लोगों की आदत सी बन गईं है।

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