घर में आग लगाकर हत्या के मामले में 12 लोगों को उम्रकैद की सजा, हाईकोर्ट का फैसला, - Ideal India News

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घर में आग लगाकर हत्या के मामले में 12 लोगों को उम्रकैद की सजा, हाईकोर्ट का फैसला,

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घर में आग लगाकर हत्या के मामले में 12 लोगों को उम्रकैद की सजा, हाईकोर्ट का फैसला,


Payagraj-》 Atpee Mishra,


-】बलिया जिले का है मामला
मामला बलिया का है। रजनीकांत यादव ने पकरी थाने में एक जनवरी 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बासुदेव राजभर, कमला राजभर, गुड्डू राजभर, पंच रतन राजभर, राज कपूर गोंड, राम भवन राजभर, हरीश चंद राजभर, गामा राजभर, कविंद्र नाथ, रवींद्र नाथ, श्रवण कुमार, अजय चौहान, राजेश उर्फ  बब्बन, संतोष, अरबिंद गौर, राजू, राजेश, जवाहर चौहान, ब्रह्मदेव चौहान और रमाशंकर राजभर और एक ही गांव के अन्य लोग लाठी, डंडा, बल्लम और ईंट-पत्थर के साथ अचानक उसके घर पर चढ़ आए और गाली-गलौज करते हुए उसे और उसके चाचा राजेश यादव के साथ मारपीट की।

पिता चंद्र देव यादव और छोटा भाई घर के अंदर भागे तब आरोपियों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दरवाजे पर पुआल आदि डालकर आग लगा दी। उसके पिता कमरे के बाहर आए तो आरोपियों ने उनका पीछा किया और उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल ले जाते वक्त उसके पिता की मौत हो गई जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घर में आग लगाकर हत्या करने के मामले में 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में हाईकोर्ट ने सभी 12 अभियुक्तों को दोषी पाया है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बदल दिया और इस मामले में जमानत पर बाहर सात लोगों की जमानत रद्द कर दी। उन्हें 15 दिनों के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। जबकि जेल में बंद चार आरोपियों के लिए कहा है कि उन्हें आगे की सजा वहीं काटनी है।

यह आदेश राजेश उर्फ बच्चन यादव सहित कुल चार मामलों पर एक साथ सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी की दो जजों की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जमानत पर बाहर आठ आरोपी अगर निचली अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ अदालती कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। 

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