एक वो जमाना था जब महिलाएं मतदान का अधिकार मांगती थीं तो उनका हाथ मरोड़ा जाता था, मारा-पीटा जाता था, - Ideal India News

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एक वो जमाना था जब महिलाएं मतदान का अधिकार मांगती थीं तो उनका हाथ मरोड़ा जाता था, मारा-पीटा जाता था,

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एक वो जमाना था जब महिलाएं मतदान का अधिकार मांगती थीं तो उनका हाथ मरोड़ा जाता था, मारा-पीटा जाता था,

Vijay Agarwal,



जौनपुर। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष व डीएम की पत्नी डॉ अंकिता राज ने प्रेस जारी प्रेस नोट में कहा कि भारत की आधी आबादी महिलाएं हैं जो भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। जौनपुर जिले में महिलाओं की संख्या ज़्यादा है पुरुषों कि तुलना में। 1000 पुरुष के लिये 1018 महिलाएँ हैं। लेकिन पुरुष मतदाता ज़्यादा हैं। आज की कुछ महिलाएं वोट नहीं देतीं लेकिन आपको पता है कि सालों पहले विश्व के हर कोने में कुछ महिलाओं ने जंग लड़ी थी कि उन्हे पुरुषों कि बराबरी का हक प्राप्त हो। सबको अपना और देश का भविष्य तय करने का हक है। महिलाओं को पसंद नहीं था कि जो इंसान गद्दी पर बैठा है वो शोषण करता रहे। 
जो महिलाएं मतदान का अधिकार मांगती थीं उन्हे धक्का दिया जाता था, हाथ मरोड़ा जाता था, मारा-पीटा जाता था, बैनर छीन लिया जाता था और भी तड़पाया जाता था। फिर भी, वे हार नहीं मानती थीं और अपना हक मांगने जाती थीं। जब हमारा भारत देश आज़ाद हुआ तब महिलाओं को मतदान करने का हक प्राप्त हुआ। यह महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम था। उन महिलाओं कि मेहनत के कारण आज आप लोगों तक हर लाभ सरकार पहुँचाती है और जो आपको बराबरी का हिस्सा नहीं देते वे कड़ी सज़ा के हकदार हैं। बस आपके कदम उठाने कि देर है। 
 लेकिन कई महिलाएं तो कुछ घर के पुरुषों के जैसे यह मानती हैं कि उन्हें वोटे करने का हक ही नहीं है क्योंकि उनका दायरा सिर्फ चारदीवारी तक है। कुछ महिलाएं दबाव में आकर अपना वोटे बदल देती हैं, कुछ को लगता है कि एक दिन कि छुट्टी मिली है तो घर में बैठना ही सही है, कुछ महिलाएं सोचती हैं कि क्या फाएदा वोट डालकर बदलना तो कुछ है नहीं। कुछ तो तहे दिल से मानती हैं कि राजनीति खराब है... खराब है तो आप बदलाव करने में मदद करिए क्योंकि इसमे आप ही का फाएदा है। देखते हैं कैसे। राजनीतिक दल जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं, नियंत्रण और संतुलन बनाते हैं। वे पूरे समाज में जानकारी वितरित करते हैं सबके हित में विशेष रुचि पर निवेश का ध्यान करवाते हैं। राजनीतिक दलों की मदद से निर्णय जल्दी आता है। 
वो कहावत याद है कि एक गंदी मछ्ली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। यदि आप वोट देंगे तो ‘गंदी मछ्ली’ चुने जाने कि संभावना घट जाती है। कछुए-खरगोश कि कहानी में कछुआ धीरे-धीरे दौड़ जीतता है। वैसे ही यदि आप आज वोट देंगे तो उसका फ़एदा आपकी अगली पीढ़ी को ज़्यादा दिखेगा, विकास होगा।धीरे-धीरे आप दौड़ जीत जाएंगे। आप उपहार देंगे अपने बच्चों को उनके बेहतर कल का, आपके द्वारा चुने गए अच्छे लोगों द्वारा। यदि सूची में आपको कोई भी नामांकित व्यक्ति पसंद नहीं है तो सबसे नीचे ‘नोटा’ का बटन दबा सकते हैं। इससे नामांकन पर लोगों का ध्यान जाएगा। आपके वोट से ही अच्छे लोग चुने जा सकते हैं। हम सब एक दूसरे का साथ देंगे तो ही चीज़ें बदलेंगी। खुद भी वोटे डालें और अपने घर, पड़ोसी, दोस्तों को मतदान करने को प्रोत्साहन दे। गांधी जी ने कहा था कि जो बदलाव दुनिया में करना चाहते हैं वो पहले खुद में करें। आज ही वोटर लिस्ट में अपना नाम डलवाएँ क्योंकि आपकी अगली पीढ़ी को और इस देश को आपकी ज़रूरत है। आज लाइन में लगके थोड़ी मेहनत कर ली तो आप इतिहास रच देंगी। खूबसूरत देश के लिए खूबसूरत कदम उठाएँ और वोट दें।

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