गुरु की मौत का सच सामने लाए बिना चैन नहीं- गद्दी संभालते ही बलवीर गिरि बोले, - Ideal India News

Post Top Ad

गुरु की मौत का सच सामने लाए बिना चैन नहीं- गद्दी संभालते ही बलवीर गिरि बोले,

Share This
#IIN

 गुरु की मौत का सच सामने लाए बिना चैन नहीं- गद्दी संभालते ही बलवीर गिरि बोले,


Atpee Mishra prayagraz,



-》 वर्ष 2005 में बलवीर ने ली थी नरेंद्र गिरि से संन्यास दीक्षा
बलवीर गिरि वर्ष 1998 में पहली बार निरंजनी अखाड़े के संपर्क में आए। महंत नरेंद्र गिरि से उनका संपर्क 2001 में हुआ। उस वक्त नरेंद्र गिरि निरंजनी अखाड़े के कारोबारी महंत थे। उत्तराखंड के निवासी बलवीर वर्ष 2005 में नरेंद्र गिरि से संन्यास दीक्षा लेकर निरंजनी अखाड़े में शामिल हो गए।

बाघंबरी मठ की गद्दी की बागडोर संभालने के बाद नए महंत बलवीर गिरि ने कहा कि वह अपने गुरु नरेंद्र गिरि की मौत का सच हर हाल में सामने लाकर रहेंगे। चादर विधि के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपने गुरु के पदचिह्नों पर चलकर बाघंबरी मठ को आगे बढ़ाने की बात कही। बलवीर गिरि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि से डेढ़ दशक से जुड़े रहे हैं। वह मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में घर- परिवार त्यागकर निरंजनी अखाड़े में महंत नरेंद्र गिरि से संन्यास की दीक्षा ली थी।

सीएम-डिप्टी सीएम ने भेजी चादर
बाघंबरी मठ के नए महंत की चादर विधि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी चादर शामिल हुई। सीएम ने इस समारोह के लिए चादर भेजी थी। इनके अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी षोडशी और चादर विधि में शामिल नहीं हो सके। लेकिन, उनकी ओर से चादर भेजी गई।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad