स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी देवी उम्र लगभग 117 वर्ष का अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया, - Ideal India News

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स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी देवी उम्र लगभग 117 वर्ष का अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया,

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Krishan Kumar Bind,

स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी देवी उम्र लगभग 117 वर्ष का अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया,



जौनपुरःराजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े स्वयंसेवियों के साथ प्राचार्य कैप्टन डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला ने मानिक चैक स्थित रामेश्वर शिशु विहार स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह की पत्नी महारानी देवी उम्र लगभग 117 वर्ष का अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ0 संतोष कुमार पाण्डेय एवं मुख्य अनुशास्ता डॉ0 सुधा सिंह, सह मुख्यअनुशास्ता डॉ0 सुनीता गुप्ता, एवं संतोष शुक्ला सहित बहू डाॅ0 विमला सिंह उपस्थित रही।
स्वागत कार्यक्रम के पश्चात 200 वर्ष प्राचीन बैठक भवन में विधिवत एक कार्यक्रम आयोजित कर उपस्थित जनों एवं स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए महारानी देवी ने अपने बहू डॉ0 विमला सिंह को अपने दीर्घायु होने का श्रेय देते हुए कहा कि मेरी बेटी (बहू) ने मेरा इतना ध्यान रखा है कि आज के सास-बहुओं को इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजा साहब मेरे परिवार का अत्यधिक ख्याल रखते थे और बाबू साहब (अपने पति) की मृत्यु के समय छड़ी लेकर यहां पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। हमारा आज भी वह आत्मीय लगाव राज परिवार से हैं और मैं महाविद्यालय की उन्नति की कामना करती हूँ। स्वयं सेवियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि गांधी जी ने जौनपुर आगमन के समय महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं बच्चों को पलो, पढ़ो और और बढ़ों का संदेश इन्होनें अपनी तुतली भाषा में बताया।
प्राचार्य कैप्टन (डाॅ0) अखिलेश्वर शुक्ला ने महारानी देवी का स्वागत करने के पश्चात कहा कि ऐसे लोग जो महात्मा गांधी के साथ काम किए हैं उसमें से एक स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद सिंह जी रहे और ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों की पत्नियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही होगी इसे आसानी से समझा जा सकता है। समाज के प्रबुद्धजनों सहित युवा पीढ़ी को ऐसे लोगों से मिलकर प्रेरणा (सबक) लेना चाहिए ।इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक जनों में राष्ट्र प्रेम, एवं राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करना है।

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