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चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रशासन ने जारी किया सरकार के नीतिगत फैसलों को ना मानने का परिपत्र

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चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रशासन ने जारी किया सरकार के नीतिगत फैसलों को ना मानने का परिपत्र
अखिलेश मिश्रा बागी मिर्जापुर




 सरकार के नीतिगत फैसले को मानने से इनकार करना गंभीर संवैधानिक संकट 

ऐसे अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करने की  मांग

लखनऊ 24 सितंबर 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे. एन. तिवारी व मिर्जापुर जिला इकाई के अध्यक्ष नारायण जी दुबे ने आज 24 सितंबर को पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक निदेशक के पद पर कार्यरत डॉ. राजा गणपति आर द्वारा विभाग में की जा रही मनमानी से अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिषद द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर द्वारा नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण निरस्त/ संशोधित नहीं किए गए हैं। 80% कर्मचारियों के स्थानांतरण हुए हैं, उनमें विकलांग कर्मचारी, अपना इलाज करा रहे कर्मचारी, विकलांग बच्चों के माता पिता जो सरकारी कर्मचारी हैं तथा स्थानांतरण नीति 2021-22 के प्रस्तर 13 से आच्छादित संगठनों के अध्यक्ष/ महामंत्री का स्थानांतरण शामिल है ।संयुक्त परिषद के दबाव पर निदेशक प्रशासन ने संगठनों के अध्यक्ष मंत्री का स्थानांतरण निरस्त तो नहीं किया लेकिन  22 सितंबर 2021 को समस्त मंडलीय निदेशकों के नाम एक परिपत्र जारी कर जनपदों में कार्यरत संगठनों के पदाधिकारियों की सूची तलब कर ली है। उन्होंने अपने पत्र में 6 बिंदुओं पर सूचना मांगी है जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की है ।संगठनों के चुनाव से संबंधित सूचनाएं संगठन के अध्यक्ष /मंत्री द्वारा जनपद के अधिकारियों के माध्यम से विभागाध्यक्ष को भेजी जाती है ,लेकिन उन्होंने नए सिरे से नीतिगत फैसलों की अवहेलना करते हुए एक नई परंपरा डाली है और अपने स्तर से 6 बिंदुओं पर सूचना मांग कर प्रकरण को और उलझा दिया है। अपने परिपत्र के पैरा दो की अंतिम पंक्ति में उन्होंने यह भी लिखा है कि "मान्यता प्राप्त संगठन के जनपद अध्यक्ष /मंत्री के रूप में स्थानांतरण से छूट प्रदान किया जाना संभव नहीं है" जबकि स्थानांतरण नीति 2021-22, जो कि शासन द्वारा 15 जून 2021 को निर्गत की गई है, उसके प्रस्तर 13 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि संगठनों के अध्यक्ष /मंत्री जिनमें जनपदों के अध्यक्ष मंत्री भी शामिल हैं, उनके चुनाव की तिथि से 2 वर्ष तक उनका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा ।ज्ञातव्य है कि निदेशक प्रशासन एक ही जनपद में 10 वर्ष से अधिक समय तक कार्य कर रहे कर्मचारियों के स्थानांतरण के मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाए हुए हैं जबकि संघों को मान्यता नियमावली 1979 में कोई भी ऐसा प्रावधान नहीं है  जिसके अंतर्गत किसी संगठन का अध्यक्ष /मंत्री एक सीमित समय के लिए ही चुना जाएं। यहां तक कि स्थानांतरण नीति 2021-22 में भी इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है ।फिर एक  विमाग विशेष के निदेशक स्तर के अधिकारी द्वारा इस तरह का नियम मनमाने ढंग से कैसे बनाया जा सकता है? परिषद के अध्यक्ष ने इसके पूर्व 18 सितंबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निदेशक प्रशासन की समस्त कारगुजारियों से अवगत कराया था
 और यह आशंका व्यक्त किया था कि निदेशक प्रशासन सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं ।22 सितंबर 2021 का पत्र इसका  प्रमाण है।उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री  एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पुनः निदेशक प्रशासन द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण की जांच कराने की मांग करते हुए निदेशक प्रशासन को हटाने का भी अनुरोध किया है।

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