आधे दुःख गलत लोगो से उम्मीदे रखने से होते है और बाकि आधे दुःख सच्चे लोगो पर शक करने से होते है | . - Ideal India News

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आधे दुःख गलत लोगो से उम्मीदे रखने से होते है और बाकि आधे दुःख सच्चे लोगो पर शक करने से होते है | .

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#IIN

Dr. Pramod vachaspati,

-》आधे दुःख गलत लोगो से उम्मीदे रखने से होते है और बाकि आधे दुःख सच्चे लोगो पर शक करने से होते है | .

कोशिश आखिरी साँस तक करनी चाहिए क्योंकि मंजिल मिले या तजुर्बा , दोनों ही चीजे बहुत नायाब है | .

पहचान से मिला काम बहुत कम समय के लिए टिकता है लेकिन काम से मिली पहचान उम्र भर कायम रहती है 



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