गंभीर समस्याएं हो सकती हैं - कोरोना से ठीक होने वाले इन लक्षणों पर जरूर दें ध्यान, - Ideal India News

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गंभीर समस्याएं हो सकती हैं - कोरोना से ठीक होने वाले इन लक्षणों पर जरूर दें ध्यान,

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गंभीर समस्याएं हो सकती हैं - कोरोना से ठीक होने वाले इन लक्षणों पर जरूर दें ध्यान,

Dr. Mithilesh Shrivastav



-》》अब तक तीन करोड़ 24 लाख से अधिक रोगी संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। हालांकि समस्या तो इसके बाद भी बनी हुई है। दरअसल, कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में भी कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इनमें कुछ सामान्य हैं तो कुछ बेहद ही गंभीर, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लोगों में दिल और फेफड़ों संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। कोरोना महामारी को खत्म करने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। देश में अब तक 74 करोड़ से अधिक लोगों को कोविड रोधी टीका भी लगाया जा चुका है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते-घटते मामलों को देख कर ऐसा लगता नहीं है कि यह महामारी इतनी जल्दी खत्म होने वाली है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर 97.51 फीसदी है। 

कोरोना का असर अगर सीधा लंग्स पर न हो तो इलाज कैसे करते हैं? 
  • Dr. Mithilesh Shrivastav  कहते हैं, 'मॉडरेट (मध्यम) या सीवियर (गंभीर) ग्रुप में लंग्स (फेफड़े) प्रभावित होते हैं। इन लोगों में जब इनक्यूबेशन पीरियड चलता है और इसी समय एंटीवायरल दें तो वह जल्दी ठीक हो जाते हैं। जिन लोगों के लंग्स (फेफड़े) इंफेक्टेड (संक्रमित) होते हैं, उनमें सूजन होती है और उन्हें कम करने के लिए स्टेरॉयड देते हैं।
कोरोना से ठीक होने के बाद कई लोगों के लिए लंग्स में परेशानी जानलेवा बन जाती है, क्या कहेंगे? 
  • गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों का भी यही कहना है कि 15-20 प्रतिशत लोगों में कोरोना की बीमारी मॉडरेट (मध्यम) या सीवियर (गंभीर) बीमारी होती है। उनके लंग्स (फेफड़े) प्रभावित होते हैं, वेंटिलेटर पर जाना पड़ता है। हालांकि इनकी संख्या बहुत कम होती है। जिन लोगों के लंग्स प्रभावित होते हैं, वो कोरोना की वजह से नहीं, बल्कि वायरस को मारने के लिए एक्टिव (सक्रिय) हो जाते हैं और उसमें वो डैमेज होने लगते हैं

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