शराब के धंधे में 40 लाख का घाटा हुआ तो ग्राहकों के लॉकर से जेवर निकाल लिए; जेवर गिरवी रखकर 5% ब्याज पर उधार देने लगा रुपए - Ideal India News

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शराब के धंधे में 40 लाख का घाटा हुआ तो ग्राहकों के लॉकर से जेवर निकाल लिए; जेवर गिरवी रखकर 5% ब्याज पर उधार देने लगा रुपए

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श्रवण सेठी
 मेदिनीनगर (झारखंड) 

शराब के धंधे में 40 लाख का घाटा हुआ तो ग्राहकों के लॉकर से जेवर निकाल लिए; जेवर गिरवी रखकर 5% ब्याज पर उधार देने लगा रुपए

एक बैंक का डिप्टी मैनेजर शराब के धंधे में हुए लाखों के नुकसान की भरपाई ग्राहकों के लॉकर में रखे गहनों से करने लगा। वह लॉकर से गहने निकालता था और आभूषण कारोबारियों के पास 3% ब्याज पर गिरवी रख देता था। उससे मिले पैसे को बाजार में 5% ब्याज पर दे देता था। यह मामला झारखंड के पलामू का है। आरोपी प्रशांत कुमार मेदिनीनगर के धर्मशाला रोड स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (अब पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज हो गया है) में पदस्थ है। पुलिस ने डिप्टी मैनेजर को हिरासत में ले लिया है। डिप्टी मैनेजर ने पुलिस को कई लॉकरों में छेड़छाड़ करने की जानकारी दी है।
पुलिस ने बताया- डिप्टी मैनेजर प्रशांत ने लॉकडाउन का गलत फायदा उठाया। इस दौरान बैंक में इक्के-दुक्के ग्राहक आते थे। इसी समय लॉकर को तुड़वाकर उसमें से गहने उड़ा लिए। डिप्टी मैनेजर गायब गहनों को स्वर्ण कारोबारियों के पास 3 प्रतिशत के ब्याज दर पर गिरवी रखता था और उससे मिले पैसे को वह पांच प्रतिशत ब्याज पर लगाता था। इस मामले में शहर के कुछ स्वर्ण व्यवसायियों को भी हिरासत में लिया गया है।
डिप्टी मैनेजर ने पुलिस को बताया है कि शराब के धंधे में उसे 40 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए उसने लॉकर से गहने चुराए। पुलिस जांच कर रही है कि और कितने ग्राहकों के लॉकर से छेड़छाड़ की गई है।

इस तरह खुला मामला

कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक सिन्हा 10 दिन पहले जब अपना लॉकर खोलने गए तो उनके पास जो चाबी थी, उससे लॉकर नहीं खुला। इसके बाद बैंक मैनेजर गन्धर्व कुमार ने लॉकर तुड़वाने के लिए तकनीशियन को बुलाया। जब लॉकर टूटा तो उसमें सिर्फ चांदी के जेवर थे, सोने के जेवर नहीं मिले। इस खबर के बाद बैंक में लॉकर रखने वाले ग्राहक आने लगे। कुछ ग्राहकों का लॉकर उनकी चाबी से खुल गया। जबकि, चार ग्राहकों के लॉकर नहीं खुले।
वहीं, चार ग्राहकों का लॉकर नहीं खुलने पर सोमवार रात मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने लॉकर को तुड़वाया। लॉकर टूटते ही वहां मौजूद चारों ग्राहक डॉ. जय कुमार, शिक्षक रमण किशोर, एनपीयू कर्मी राजीव मुखर्जी और वेद प्रकाश शुक्ला के होश उड़ गए। उनके लॉकर से सोने के सारे जेवरात गायब कर दिए गए थे। इसके बाद उनकी पत्नियां बैंक में ही रोने बिलखने लगी।





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