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Independence Day 2021: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी का चीन और पाक पर निशाना, कहा- विस्तारवाद व आतंकवाद का सधे तरीके से जवाब दे रहा भारत

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Independence Day 2021: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी का चीन और पाक पर निशाना, कहा- विस्तारवाद व आतंकवाद का सधे तरीके से जवाब दे रहा भारत


Dr. A.k. Gupta

75th Independence Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्तारवाद के नीति के लिए चीन और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते रविवार को कहा कि भारत दोनों चुनौतियों का सधे हुए तरीके से करारा जवाब दे रहा है. देश के 75वें स्वाधीनता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही.


लगभग डेढ़ घंटे के अपने संबोधन में उन्होंने सैन्य बलों को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया और वर्ष 2016 के सर्जिकल स्टाइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के शत्रुओं का स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी रक्षा में कठोर फैसले भी ले सकता है. उन्होंने कहा कि कोई बाधा 21वीं सदी के भारत के सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकती.


चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया भारत को एक नयी दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं. एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद. भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़ी हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है.’’ प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू एवं कश्मीर में भारत सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों का लगातार मुकाबला कर रहा है जबकि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा को लेकर गतिरोध बना हुआ है.


पिछले साल पांच मई को भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीमा पर गतिरोध की शुरुआत हुई थी, जिसके बाद पैंगोग झील इलाके में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. बाद में कई दौर की वार्ता के बाद दोनों देशों के सैनिक कई जगहों से पीछे हटे. पूर्वी लद्दाख के गोगरा में करीब 15 महीनों तक आमने-सामने रहने के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है तथा जमीनी स्थिति को गतिरोध-पूर्व अवधि के समान बहाल कर दिया है.


थल सेना ने पिछले दिनों इस घटनाक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया चार और पांच अगस्त को की गई तथा दोनों पक्षों द्वारा निर्मित सभी अस्थायी ढांचों और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचों को गिरा दिया गया है तथा परस्पर तरीके से उनका सत्यापन किया गया है. गोगरा में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया दोनों पक्षों द्वारा पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तटों के इलाकों में इसी तरह का कार्य किये जाने के पांच महीने बाद की गई है, जहां उन्होंने टकराव वाले स्थानों से सैनिकों और हथियारों को हटाया था.

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