आवेदक को सूचना उपलब्ध नही करना उच्च माध्यमिक पटना के लोक सूचना पदाधिकारी को पड़ा महंगा। - Ideal India News

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आवेदक को सूचना उपलब्ध नही करना उच्च माध्यमिक पटना के लोक सूचना पदाधिकारी को पड़ा महंगा।

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आवेदक को सूचना उपलब्ध नही करना उच्च माध्यमिक पटना के लोक सूचना पदाधिकारी को पड़ा महंगा।
आयोग ने 25 हजार रुपया का लगया अर्थदंड।


विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता ब्यूरो चीफ,बिहार।




पटना।  कैमूर जिला के नुआंव गांव निवासी आवेदक अभिषेक कुमार को बिहार विद्यालय उच्च माध्यमिक के निवर्तमान लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा सूचना उपलब्ध नही करना  काफी महंगा पड़ गया।राज्य सूचना आयोग ने अधिकतम दंड राशि 25 हजार रुपया उन पर अधिरोपित करते हुवे सचिव बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निर्देश दिया है कि लोक सूचना पदाधिकारी से अर्थदंड की वसूली कर सरकार के कोषागार में जमा कराए।बतादे की नुआंव गांव निवासी अभिषेक कुमार पिता विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता ने इंटर साइंस परीक्षा वर्ष 2014 में मिले सेकेंड डिवीजन से असंतुष्ट हो परीक्षा की उत्तरपुस्तिका की मांग दिनांक 27 जून 2014 को की थी।लोक सूचना पदाधिकारी ने आवेदक को दिनांक 3 जुलाई 14 को जो सूचना उपलब्ध कराई उसमे लिखा कि ब्रजगृह शाखा से प्राप्त सूचना के आधार पर वर्ष 2014 कला परीक्षा से संबंधित व्यवहृत उतर पुस्तिकाओं का संधारण समिति उच्च माध्यमिक में अभी नही किया गया है।फलस्वरूप फील हाल सूचना उपलब्ध कराना संभव नही है।लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना से असंतुष्ट हो आवेदक ने बिभाग में प्रथम अपील दाखिल की।जब वहां से भी कोई रिस्पांस नही मिला तो राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल किया।जब आयोग ने संज्ञान लिया तो वर्तमान सहायक लोक सूचना पदाधिकारी ने दिनांक 1 अप्रैल 21 को आयोग के समक्ष उपास्थि हो कहा कि वर्ष 14 की मूल्यांकित उतर पुस्तिका निविदा के फलस्वरूप निष्पादित हो चुकी है।फलतः मांगी गई सूचना उपलब्ध कराना संभव नही है।इसके बाद गत 22 तारीख को नरेंद्र कुमार सिंह मुख्य सूचना आयुक्त ने अपने फैसले में माना कि आवेदक ने साइंस की उतर पुस्तिका मांगी थी जबकि लोक सूचना पदाधिकारी ने कला से संबंधित सूचना उपलब्ध कराई।ऐसे में स्पष्ट प्रतीत होता है कि लोक सूचना पदाधिकारी ने आवेदक को गलत सूचना उपलब्ध कराई और जानबूझकर बिलंब करने की वजह से बिभाग द्वारा उतर पुस्तिकाओं का निर्धारण किया जा चुका है।इसलिए धारा (1) के अंतर्गत 25 हजार रुपया अर्थदंड अधिरोपित किया जाता है।उधर अभिषेक कुमार ने कहा कि लोक सूचना पदाधिकारी पर अर्थदंड लगने से मेरी समस्या का समाधन नही हो सका है।अब मैं उच्च न्यायालय की शरण मे जाऊंगा ताकि मुझे न्याय मिल सके।

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