*"एस.सी., एस. टी., माईनारिटी की जनगणना तो ओबीसी की क्यों नहीं ?"* *वी.आई.पी. के जिलाध्यक्षों व प्रधान महासचिव के नाम की प्रदेश अध्यक्ष ने की घोषणा* - Ideal India News

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*"एस.सी., एस. टी., माईनारिटी की जनगणना तो ओबीसी की क्यों नहीं ?"* *वी.आई.पी. के जिलाध्यक्षों व प्रधान महासचिव के नाम की प्रदेश अध्यक्ष ने की घोषणा*

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*"एस.सी., एस. टी., माईनारिटी की जनगणना तो ओबीसी की क्यों नहीं ?"*
 *वी.आई.पी. के जिलाध्यक्षों व प्रधान महासचिव के नाम की प्रदेश अध्यक्ष ने की घोषणा*
संतोष कुमार नागर, शाहगंज सोनभद्र




सोनभद्र/लखनऊ,04 अगस्त। विकासशील इन्सान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग के साथ वायदा खिलाफी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के रास्ते पर चलते हुए भाजपा सरकार ने भी सेन्सस- 2021 में जातीय जनगणना कराने से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि सेन्सस -2011 में एस.सी.,एस.टी., धार्मिक अल्पसंख्यक (मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन, बौध, पारसी, रेसलर), दिव्यांग व ट्रान्सजेण्डर की जनगणना कराकर जून, 2016 में मोदी सरकार ने घोषित कर दिया। तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जून, 2018 में जनगणना विभाग के अधिकारियों की बैठक में घोषणा किये थे कि सेन्सस-2021 में ओ.बी.सी. की जनगणना करायी जायेगी और 2024 में घोषित कर दी जायेगी। लेकिन अब केन्द्र की भाजपा सरकार अपने वायदे से पीछे हटती दिख रही है।

        निषाद ने कहा कि आखिर ओबीसी की जनगणना कराने से कौन सी राष्ट्रीय हानि होने का अंदेशा है। सरकार जब शेर, भालू, बंदर, मगरमच्छ घड़ियाल, डालफिन, पेड़ व जानवरों की जनगणना कराती है, तो ओ. बी.सी. की क्यों नहीं करायी जा रही? उन्होंने ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने एवं ओबीसी, एससी, एसटी को कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका, केन्द्रीय व उच्च शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों व निजी क्षेत्र के उपक्रमों में समानुपातिक आरक्षण कोटा संविधान के अनुच्छेद-15(4), 16 (4) व 16(4-1) के अनुसार दिये जाने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार के पास इच्छा शक्ति रही होती तो 2013 में प्रदेश के अंदर जनगणना कराकर ओबीसी को समानुपातिक आरक्षण कोटा दे दी होती। माननीय उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडू में आरक्षण कोटा के संबंध में 11जुलाई, 2013 को दिये गये निर्णय में स्पष्ट तौर पर कहा था कि कोई राज्य सरकार अपने राज्य में जितने प्रतिशत आरक्षण देना चाहे दे सकती है, बशर्ते उसके पास जनगणना का पुष्ट प्रमाण हो ।

         वीआईपी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी लौटन राम निषाद ने जिलाध्यक्षों व प्रधान महासचिवों के नाम की घोषणा किया है। श्रवण कुमार निषाद को गोरखपुर, सुजीत साहनी को वाराणसी, रामबहादुर निषाद को बांदा, अवधेश निषाद को कानपुर देहात, राज बहादुर निषाद को चित्रकूट, रमेश चन्द्र कश्यप को मुरादाबाद, श्रीनिवास कश्यप को बागपत, शिवा निषाद को कानपुर नगर, राम सिंह निषाद को जालौन, राम प्रकाश कश्यप को सम्भल, लक्ष्मण निषाद को संतकबीरनगर, नवल किशोर निषाद को कौशाम्बी, राम कुमार कश्यप को सहारनपुर, हेमन्त रायकवार को ललितपुर का जिलाध्यक्ष नामित किया गया है।

        प्रदेश अध्यक्ष द्वारा मंगला प्रसाद निषाद को सुलतानपुर, रामजन्म निषाद को बस्ती, शार्दुल विक्रम निषाद को मिर्जापुर, सिब्बन निषाद भगत जी को कुशीनगर, विश्वनाथ निषाद को संतकबीरनगर, संजीव कश्यप को मेरठ, अनिकेत निषाद को सोनभद्र, रमेश बिन्द को जौनपुर, हीरालाल निषाद को अम्बेडकर नगर का प्रधान जिला महासचिव नामित किया है।
           *चौ.लौटनराम निषाद*
           प्रदेश अध्यक्ष-वीआईपी
8182822805/9415761409

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