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बात राष्ट्रहित की हो तो एक ही धर्म, वह है राष्ट्रधर्म: योगी

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बात राष्ट्रहित की हो तो एक ही धर्म, वह है राष्ट्रधर्म: योगी 

हरिओम सिंह स्वराज 


 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि व्यक्तिगत जीवन में हर एक व्यक्ति की उपासना विधि अलग-अलग हो सकती है लेकिन जब बात राष्ट्रहित की हो, तो सभी एक ही धर्म होना चाहिए, वह है राष्ट्रधर्म। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां अपने सरकारी आवास 5,कालिदास मार्ग पर ध्वजारोहण करने के बाद कहा " भारत को महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक है कि सभी नागरिक अपने-अपने दायित्वों का पालन ईमानदारी से करें। व्यक्तिगत जीवन में हमारी उपासना विधि अलग-अलग हो सकती है लेकिन जब बात राष्ट्रहित की हो, तो हमारा एक ही धर्म होना चाहिए, वह है राष्ट्रधर्म। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को एकजुट होना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1947 में सैकड़ो वर्षों की पराधीनता के बाद देश स्वतंत्र हुआ था। इसके लिए अनगिनत बलिदान देने पड़े थे। पराधीनता के खिलाफ निरन्तर लड़ाई लड़ी जाती रही। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर भारतीय स्वतंत्रता का पहला सामूहिक प्रयास था। इस प्रयास के 90 वर्षों बाद देश को दासता से मुक्ति मिली। उन्होने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वाधीनता आन्दोलन की निर्णायक लड़ाई लड़ी गई। महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के लिए हम सभी को संकल्प लेना चाहिए। देश की आजादी में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वातन्त्रय वीर सावरकर, डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों में लड़ाई को नेतृत्व प्रदान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और आजादी के बाद देश की वाह्य और आन्तरिक सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले सपूतों के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश 75वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आज भारत दुनिया के अन्दर अपनी आर्थिक और सामरिक ताकत के साथ उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 16-17 माह से भारत वैश्विक महामारी कोविड-19 का सामना कर रहा है। इस वैश्विक महामारी से जहां विश्व की बड़ी-बड़ी ताकतें पस्त हो गईं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहा। कोरोना को रोकने में कोरोना टेस्टिंग, ट्रीटमेन्ट और कोरोना वैक्सीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पिछली 16 जनवरी को देश को 02 कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हुईं। उन्होंने कहा कि देश में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 50 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जा चुकी है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश ने कोरोना की लड़ाई पूरी प्रतिबद्धता के साथ लड़ी, जिसकी सभी जगह प्रशंसा की जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान काल कवलित हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हेल्थ वर्कर्स तथा कोरोना वॉरियर्स की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंनेे सदी की सबसे बड़ी महामारी में केन्द्र व प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए मिशन मोड में प्रत्येक नागरिक को राहत पहुंचाने का कार्य किया। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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