वरिष्ठ अधिवक्ता जयनारायण सिंह के पुत्र सिद्धार्थ सिंह “भैय्यु” के आकस्मिक निधन पर नम हुई हज़ारो आँखे। - Ideal India News

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वरिष्ठ अधिवक्ता जयनारायण सिंह के पुत्र सिद्धार्थ सिंह “भैय्यु” के आकस्मिक निधन पर नम हुई हज़ारो आँखे।

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वरिष्ठ अधिवक्ता जयनारायण सिंह के पुत्र सिद्धार्थ सिंह “भैय्यु” के आकस्मिक निधन पर नम हुई 
हज़ारो आँखे।

जयचन्द जलालीपट्टी वाराणसी



वाराणसी। वाराणसी के शिवपुर निवासी और वरिष्ठ अधिवक्ता जयनारायण सिंह के पुत्र और दालमंडी स्थित राजपुर कटरे के अधिष्ठाता प्रदीप सिंह के भाई सिद्धार्थ सिंह भय्यु (34) का आज आकस्मिक निधन हो गया। वह अविवाहित थे और कुछ समय से निमोनिया से ग्रसित थे।
मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ सिंह भय्यु को विगत 3-4 दिनों से बुखार की समस्या हो रही थी। चिकित्सको ने उन्हें निमोनिया होना बताया था और उनका इलाज चल रहा था। आज दोपहर सिद्धार्थ ने  दवा खाया और खाकर सो गये। देर शाम तक नही जागने पर जब परिजनों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया तो वह नही उठे। आनन फानन में चिकित्सक बुलाये गए जिन्होंने उनको मृत घोषित किया।
बताते चले कि फिल्म अभिनेता गोविंदा के रिश्तेदार और नजदीकी सम्बन्ध वाले सिद्धार्थ सिंह भैय्यु गरीबो की काफी मदद करने के लिए मशहूर थे। दोस्तों के साथ अल्हड़ता और हंसी मजाक के साथ जीवन जीने वाले सिद्धार्थ सिंह के निधन की सुचना मिलने पर उनके सभी परिचित स्तब्ध रह गए। वही जानकारी मिलने पर उनके आवास पर श्रधान्जली देने वालो का ताँता देर शाम से लगा हुआ था।
जयनारायण सिंह  के तीन बेटो में सबसे बड़े सौरभ सिंह थे वही सबसे छोटे वैभव सिंह थे। तीनो भाइयो में भाई भाई जैसे रिश्ते कम और दोस्तों वाले ज्यादा थे। हमारी सबसे पहली मुलाकात सिद्धार्थ सिंह भैय्यु से आज से एक साल पहले चौक थाने के बाहर हुई थी। एक खबर के सिलसिले में मैं गया हुआ था। वही सिद्धार्थ सिंह भैय्यु से हमारी मुलाकात हुई। हमारी छोटी सी मुलाक़ात में भय्यु मेरी ज़िन्दगी में ऐसा दाखिल हुआ जैसे बुढापा आता है। जो एक बार आता है तो आता ही जाता है, आता ही जाता है। भैय्यु के साथ काफी वक्त गुज़ारने के बाद ये अहसास हुआ कि वह दोस्तों का दोस्त और दिल का सच्चा इंसान था। लॉक डाउन के दौरान सडको पर निकल कर रात के अंधेरो में न जाने कितनो की आर्थिक मदद तो हमारे सामने ही किया था। बिना स्ट्रीम लाइट के मस्त ज़िन्दगी जीना भैय्यु की आदत में शुमार था। आज एक खाली पन का अहसास ज़िन्दगी में कचोट रहा है। सच कहता हु भैय्यु तुमको न भूल पायेंगे ।

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