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किशोरी साक्षी ने ईश्वर के मूलरूप, उसके अधिपत्य और मर्म का गहनविश्लेषण करने के साथ ही जीवन के महत्वपूर्ण संदेश स्वीकार्य शिरोधार्य करने का दिया मंत्र

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सोनभद्र - राम अनुज धर द्विवेदी

किशोरी साक्षी ने ईश्वर के मूलरूप, उसके अधिपत्य और मर्म का गहनविश्लेषण करने के साथ ही जीवन के महत्वपूर्ण संदेश स्वीकार्य शिरोधार्य करने का  दिया मंत्र




     उत्तरप्रदेश के सरहद शिवद्वार में वृन्दावन से आईं किशोरी साक्षी ने ईश्वर के मूलरूप, उसके अधिपत्य और मर्म का गहनविश्लेषण करने के साथ ही जीवन के महत्वपूर्ण संदेश स्वीकार्य शिरोधार्य करने का प्रबलता व प्रखरता से आत्मसात करने की बात  कही। रामचरित मानस को जीवन जीने की कला बताया। सोन विंध्य गंगा सेवा संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित दस वर्ष के यज्ञ व कथा का सारगर्भित निहितार्थ व भावार्थ व्याख्यायित करते हुए शबरी प्रसंग को उद्घाटित किया।कथा के अंतिम दिवस विश्राम के साथ सोन विंध्य गंगा सेवा संस्कृति संस्थान सोनभद्र के संरक्षक पण्डित रामनिवास शुक्ल ने संस्थान के तत्वावधान में द्वितीय वर्ष के इस महायज्ञ की सफल जीवन्त प्रस्तुति और विश्वकल्याण की कामना को साकार सार्थक स्वरूप प्रदान करने की परिणति बताया और समस्त समुदाय को साधुवाद कहा तो संस्थान के संस्थापक व संचालक डॉ.परमेश्वर दयाल श्रीवास्तव"पुष्कर" ने शिवद्वार  के ऊर्जस्वित धराधाम में पुण्यप्रदाई कार्य के लिए सबका आभार ज्ञापित करते हुए हिमालय से विन्ध्य तक फैले आर्यावर्त के प्रवेशद्वार शिवद्वार में सन 1985 में बदरिकाश्रम जोशीमठ बद्रीनाथ से आये शंकराचार्य स्वामी विष्णुदेवानन्द के शिवद्वार आकर मन्दिर जीर्णोद्धार के बाद प्राणप्रतिष्ठा कर जागृत करने का संदर्भ उठाया और कहा कि शिवद्वार से हरिद्वार आर्यावर्त का स्वर्गद्वार बद्रीनाथ से माणा मणिभद्रपुर सरस्वती नदी के उद्दाम वेग से प्रवहमान रहते हुएभी उसे पार कर स्वर्गारोहण यात्रा की तिब्बत तराई तक। डॉ.परमेश्वर पुष्कर ने कहा कि मणिभद्र पुर से सोनभद्र नगर तक के उत्तर से दक्षिण तक प्रसृत आर्यावर्त के इस दक्षिणकाशी गुप्तकाशी द्वितीयकाशी में संपन्न कथाप्रवचन ने समष्टि में संचार कर दिया अन्तःऊर्जा का। उपस्थित भक्तप्रण समुदाय ने आज रविवार तक कथा श्रवण किया जिसमें पण्डित रामनिवास शुक्ल, विजयानन्द मिश्र, डॉ.परमेश्वर दयाल पुष्कर, उदितलाल अग्रहरि, अशोक कुमार उमर, कैलाशप्रसाद गुप्त, सालिकराम गुप्त, रामनयन मिश्र, अनुष्का पाठक, क्षमा द्विवेदी, दीपिका पाठक,सुरेश गिरि, अजय गिरी समेत शताधिक श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा श्रीराम कथा में। यज्ञाचार्य पण्डित प्रशान्त त्रिपाठी ने श्रीरामकथा में सम्मिलित लोगों का आभार ज्ञापित करते हुए सोमवार को यज्ञ पूर्णाहुति व भंडारा समष्टिभोज तथा यज्ञशाला  परिक्रमा करने का आह्वान भी किया।

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