विन्ध्य रत्न स्मृतिशेष महेश्वरपति त्रिपाठी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया - Ideal India News

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विन्ध्य रत्न स्मृतिशेष महेश्वरपति त्रिपाठी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया

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विन्ध्य रत्न स्मृतिशेष महेश्वरपति त्रिपाठी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया 
अखिलेश मिश्र "बागी" - मिर्जापुर



मिर्जापुर शहर के बिंध्याचल में स्थित शिवरात्रि अतिथि भवन में 25 अगस्त को विन्ध्य रत्न स्मृतिशेष महेश्वरपति त्रिपाठी जी के जन्मोत्सव पर परम्परा शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि नवीन सिंह पर्यटन अधिकारी के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया इसके पश्चात  महामारी के दौरान दिवंगत कला साधकों एवं राजन मिश्र इत्यादि को श्रद्धांजलि दी गई।
मीरजापुर में जन्मे वर्तमान में का०हि०वि० के गायन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर  ज्ञानेश चंद्र पाण्डेय ने गणपति वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की, तत्पश्चात राग उरिया में बंदिश व ठुमरी की सुंदर प्रस्तुति दी। तबले पर पं० किशोर मिश्र, हारमोनियम पर पकंज मिश्र व सारंगी पर आशीष मिश्र ने अत्यंत कुशल संगत किया।
का०हि०वि० के गायन विभाग की विभागाध्य डॉ० संगीता पण्डित ने सर्वप्रथम माँ की स्तुति कर बरसाती दादरा, ठुमरी के विभिन्न प्रकार सुनाकर समारोह को ऊंचाई प्रदान करते हुये कजली सुनाकर अपनी प्रस्तुति को विराम दिया, गायन के पश्चात नृत्य की प्रस्तुति वाराणसी से पधारे  विशाल कृष्ण ने देवी स्तुति से अपना नृत्य प्रारम्भ किया तत्पश्चात तीनताल में पारंपरिक कत्थक नृत्य के कुछ अति सुंदर उठान, गत, परन, टुकड़ों की सुंदर प्रस्तुति की। 'बरसन लागे सावन बूंदिया, राजा तोरे बिन लागे ना मोरा जिया' पर अत्यन्त मनोहारी भाव नृत्य प्रस्तुत कर पूरी सभा को मोहित कर लिया। तबले पर श्री उदयशंकर मिश्र, गायन में श्री संतोष मिश्र व सारंगी पर श्री आशीष मिश्र ने बहुत ही सधा संगत किया। समारोह का कुशल संचालन  साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र विंध्याचल के मंत्री विन्ध्यवासिनी प्रसाद केसरवानी व व्यवस्थापक दिनेश्वरपति त्रिपाठी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आये सभी लोगो को धन्यवाद ज्ञापित अध्यक्ष  ओमप्रकाश मिश्र ने किया।

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