75वां स्वतंत्रता दिवस: मुख्यमंत्री योगी बोले- अपना कर्तव्य निभाना ही राष्ट्रधर्म है, नए भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना हो रही साकार - Ideal India News

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75वां स्वतंत्रता दिवस: मुख्यमंत्री योगी बोले- अपना कर्तव्य निभाना ही राष्ट्रधर्म है, नए भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना हो रही साकार

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75वां स्वतंत्रता दिवस: मुख्यमंत्री योगी बोले- अपना कर्तव्य निभाना ही राष्ट्रधर्म है, नए भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना हो रही साकार

Hariom singh swaraj


 
देश के 75वें स्वाधीनता दिवस पर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानभवन में आयोजित समारोह में झण्डारोहण किया। सीएम योगी ने इस स्थल से समस्त प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने सभी अमर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की बाह्य व आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने व भारत के नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने हेतु अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के वीर जवानों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।


सीएम योगी ने विधानभवन से प्रदेशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि देश की स्वाधीनता के ‘अमृत’ महोत्सव वर्ष का हम सब को साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ है। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश के साथ ही हम प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 'नए भारत, श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार होते हुए देख रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के 09 पुलिस अधिकारी व कर्मियों को 'पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री' प्राप्त करने पर बधाई दी। स्वाधीनता दिवस समारोह पर प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से 04 पुलिस अधिकारी व कर्मी सम्मानित हुए। पुलिस पदक के लिए 73 अधिकारी व कर्मी चयनित हुए हैं। सभी को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। 

प्रदेश के शहीद स्मारक स्वाधीनता की कीमत के जीवंत गवाह

सीएम योगी कहा कि पराधीनता के खिलाफ एक लंबी लड़ाई व अनगिनत बलिदानों के कारण 1947 में देश स्वतंत्र हुआ। उन्होंने कहा कि देश के अंदर अलग-अलग स्थानों पर बने स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े शहीद स्मारक स्वाधीनता की कीमत के जीवंत गवाह हैं। कहीं झांसी में रानी लक्ष्मीबाई जी का नेतृत्व तो कहीं बलिया में मंगल पांडेय जी का नेतृत्व। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वाधीनता की सामूहिक लड़ाई का प्रतिफल है कि विदेशी हुकूमत को भारत छोड़ना पड़ा।

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