विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने एक घंटे किया जोरदार विरोध प्रदर्शन । - Ideal India News

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने एक घंटे किया जोरदार विरोध प्रदर्शन ।

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले।
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने एक घंटे किया जोरदार विरोध प्रदर्शन ।
 
जयचन्द जलाली पट्टी वाराणसी
         


 वाराणसी-10अगस्त नेशनल  कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी  इम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई)  के आवाहन पर वाराणसी में बिजली कर्मचारी व इंजीनियर  इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में आज शाम 4 बजे से 5 बजे तक एक घंटे का विरोध प्रदर्शन किया | वाराणसी में विरोध सभा प्रबंध निदेशक कार्यालय, भिखारीपुर के समक्ष हुई जिसमें सैकड़ों अभियंता एवं कर्मचारी शामिल हुए | 
आज की सभा में वक्ताओं ने बताया की  इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में उत्पादन का लाइसेंस समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया जिसके परिणाम स्वरूप देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है अब इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 के जरिए बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा | इस बिल में प्राविधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कंपनियां बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण हेतु यह निजी कंपनियां सरकारी वितरण कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी उन्होंने यह भी बताया कि यदि केंद्र सरकार इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 पारित कराने हेतु कोई एकतरफा कार्यवाही करती है। तो बिजली कर्मी उसी दिन हड़ताल / कार्य बहिष्कार करेंगे।  उन्होंने मांग की है। कि  इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट)  बिल 2021 को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने की बजाय  इसे बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए | बिजली क्षेत्र के सबसे प्रमुख  स्टेकहोल्डर बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों को स्टैंडिंग कमेटी के सामने अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन और  नेशनल  कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी  इम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) ने सभी राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर उनसे अपील की है कि इस जनविरोधी बिल का वे संसद में विरोध करें | इस सम्बन्ध में राजनीतिक दलों की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही है | केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से बिल के विरोध में प्रस्ताव पारित किया है | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बिल का विरोध किया है | इसके अतिरिक्त तेलंगाना , तामिलनाडु , आँध्रप्रदेश ,झारखंड ,छत्तीसगढ़ , राजस्थान , पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री वक्तव्य देकर बिल का विरोध कर चुके हैं | ऐसे में केंद्र सरकार को संसद में पारित करने की जल्दबाजी के बजाय इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजना चाहिए |आज की विरोध सभा की अध्यक्षता इं चन्द्रशेखर चौरसिया और संचालन राजेन्द्र सिंह ने किया। सभा को सर्वश्री  मायाशंकर तिवारी, संजय भारती, जगदीश पटेल, ए के श्रीवास्तव, रमाशंकर पाल, संतोष वर्मा, जीउत लाल, केदार तिवारी, फणींद्र राय, रमन श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, अंकुर पांडेय, अमित श्रीवास्तव, मनोज कुमार, पी के गुप्ता, ए के सिंह, अनिल कुमार, एस के सिंह, गुलाब आदि ने संबोधित किया।

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