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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस* *पर लगभग 2000 गर्भवती की हुई प्रसव पूर्व जांच

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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, पर लगभग 2000 गर्भवती की हुई प्रसव पूर्व जांच

*जौनपुर, 09 अगस्त 2021।*

Dharmendra seth


जनपद में हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत सोमवार को जिले में लगभग 2000 गर्भवती को निःशुल्क प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) की सेवाएं दी गईं। अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह ने सभी ब्लाक  पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी। आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
सीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस हर महीने की नौ तारीख को मनाया जाता है। अभियान के दौरान चिकित्सक सभी ब्लाक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर गर्भवती के स्वास्थ्य की जांच करते हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी देते हैं। इस दौरान उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं को भी चिह्नित किया जाता है जिससे कि उनके सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था कराई जा सके। 
    जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सत्यव्रत त्रिपाठी ने बताया कि अभियान के तहत जिले के 21 ब्लाक , जिला अस्पताल तथा शहर के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान करीब 2000 गर्भवती  की  जांच हुई, जिसमें से 50 एचआरपी की श्रेणी में  चिन्हित की गईं।
इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती की प्रसव पूर्व कम से कम एक बार जांच मेडिकल आफिसर की निगरानी में हो सके। जांच के दौरान विशेषकर लक्षित  महिलाओं (द्वितीय और तृतीय त्रैमास वाली गर्भवती) को प्राथमिकता दी जाती है। द्वितीय और तृतीय त्रैमास में गर्भवती को प्रसव पूर्व तथा स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का ज्यादा सामना करना पड़ता है। इसके चलते ही इनकी जांच मेडिकल आफिसर (एमबीबीएस या प्रसूति रोग विशेषज्ञ) द्वारा की जाती है। इस दौरान गर्भवती के ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, यूरिन, शुगर, सिफलिस, एचआईवी आदि की जांच की जाती है। जांच के दौरान ही उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाएं चिन्हित की जाती हैं और उनके सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था कराई जाती है। इसके लिए उन्हें प्रसव के दौरान उच्च चिकित्सा इकाइयों में रेफर किया जाता है। उच्च जोखिम वाली महिलाओं को गंभीर रक्त अल्पता, उच्च रक्तचाप, कम वजन, डायबिटीज, एचआईवी पाजिटिव तथा 35 साल से अधिक की उम्र में गर्भधारण आदि श्रेणियों में पहचान की जाती है।
यह कहना है लाभार्थियों का --
- खुटहन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जाँच के लिए आईं जमीन धम्मौर गांव की ज्ञानमती (32) को वहां की आशा कार्यकर्ता मुन्नी वर्मा लाईं थीं। उन्होंने बताया कि उनकी ब्लड, शुगर, यूरिन, ब्लड प्रेशर सहित सभी जांचें निःशुल्क हुईं। वजन भी किया गया।
-चंदवक निवासी मीरा देवी (26) ने सीएचसी डोभी पर जांचें कराईं। उन्होंने बताया कि उन्हें यहां पर सारी सुविधाएं मुफ्त मिलीं। 

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